रोडवेज बस परिसर में खड़ीं बसें।
- फोटो : रोडवेज बस परिसर में खड़ीं बसें।
सुल्तानपुर। शहर के दुर्गा पूजा महोत्सव में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर बसों का रूट डायवर्ट किया गया है। इसके चलते लखनऊ और वाराणसी से आने वाली बसें सीधे शहर में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
शहर में मंगलवार से देवी प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा शुरू हुई है। यह क्रम बृहस्पतिवार तक चलेगा। इस बीच शहर और ग्रामीण अंचल की देवी प्रतिमाओं का विसर्जन सीताकुंड घाट पर कराया जाएगा। कार्यक्रम को सकुशल निपटाने के लिए बृहस्पतिवार तक शहर में सभी बड़े और मध्यम वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके चलते अमहट और पयागीपुर से रोडवेज की बसें शहर के अंदर प्रवेश नहीं कर पा रही है। इसकी जगह अब बाईपास से होते हुए टेढ़ुई मार्ग से शहर के अंदर बस अड्डे तक आ रही हैं। इससे यात्रियों का समय बर्बाद हो रहा है। यही नहीं रोडवेज बस अड्डे से लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज को जाने वाली बसें टेढ़ुई मार्ग से ही भेजी जा रही हैं।
यात्रियों ने बताई परेशानी
मंगलवार को दोपहर एक बजे के करीब बस स्टेशन पर जग प्रसाद यादव खड़े थे। जौनपुर जाने के लिए बस ढूंढ़ रहे थे। पूछताछ केंद्र पर बताया गया कि यहां से ई-रिक्शा पकड़कर पयागीपुर चले जाइए। वहां से बस मिल जाएगी। प्रतिमा तिवारी को अपने बच्चों के साथ प्रयागराज जाना था। उन्हें भी बस नहीं मिली। राकेश कुमार ने बताया कि यहां पर अक्सर दोपहर के बाद बस नहीं मिलती है। इस समय देवी प्रतिमाओं के विसर्जन है।
राजस्व का भी हो रहा नुकसान
स्टेशन इंचार्ज नान्हूराम सरोज ने कहा कि रूट डायवर्जन से यात्रियों की परेशानी बढ़ी है। साथ ही तीन किलोमीटर का अतिरिक्त बसों का सफर होने से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।