सुल्तानपुर। जिले के नौ परिषदीय विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 13 लाख पांच हजार रुपये शासन ने अवमुक्त किए हैं। इस पैसे से जिले के परिषदीय विद्यालयों में सबमर्सिबल की स्थापना की जाएगी, ताकि नौनिहालों को पेयजल सुविधा मुहैया हो सके।
वर्तमान समय में प्रदेश सरकार बेसिक स्कूलों को भौतिक संसाधनों से परिपूर्ण करने की कोशिशों में लगी है। ग्राम पंचायत निधि से ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में बाउंड्रीवाल, टाइलीकरण, शौचालय का निर्माण, इंटरलॉकिंग समेत सात सूत्री काम कराए जाने का निर्देश दिया गया है।
बच्चों को उत्कृष्ट सुविधा मुहैया हो सके। इसके लिए अनुरक्षण कार्यों के लिए कंपोजिट ग्रांट के माध्यम से विद्यालयों को पैसे भेजे गए हैं। अब सरकार ने जिले के नौ विद्यालयों में सबमर्सिबल स्थापना के लिए 13 लाख जारी किए हैं। इस धनराशि से विद्यालयों में सबमर्सिबल की स्थापना की जाएगी, ताकि बच्चों को पेयजल सुविधा मुहैया हो सके।
इससे मल्टीपल हैंड वॉशिंग व प्रसाधनों में जलापूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो सकेगी। स्कूल शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बीएसए को पत्र भेजकर कहा है कि ऐसे विद्यालय जहां हैंडपंप/पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है लेकिन विद्यालय में विद्युत कनेक्शन है।
उनमें से कुछ विद्यालयों को जनपद के प्रस्ताव व एस्टीमेट के आधार पर पेयजल सुविधा मुहैया कराने की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत संबंधित विद्यालयों में बोरिंग, सबमर्सिबल पंप व मल्टीपल हैंडवॉश सिस्टम की स्थापना कराई जाएगी। सबमर्सिबल पंप स्थापना के लिए जिलाधिकारी व अध्यक्ष जिला शिक्षा परियोजना समिति की ओर से चयनित कार्यदायी संस्था से समयबद्ध पूर्ण कार्य कराया जाएगा।
बोरिंग, सबमर्सिबल पंप व मल्टीपल हैंडवॉश सिस्टम के लिए लागत वार्षिक कार्य योजना व बजट में जनपद की ओर से दी गई लागत के अनुसार ही होगी। तैयार किए गए एस्टीमेट की तकनीकी, प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त की जाएगी।
निर्माण कार्य की धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में स्थानांतरित की जाएगी। समस्त कार्यों के क्रियान्वयन के लिए विद्यालय प्रबंध समिति की सदस्यों में से चार सदस्यों की उप समिति गठित की जाएगी। इसमें विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, विद्यालय प्रबंध समिति के दो अभिभावक सदस्य व विद्यालय प्रबंध समिति में नामित पदेन सदस्य को रखा जाएगा।