वाराणसी में डॉ. राम प्यारे को मिला साहित्य श्री सम्मान। स्रोत-सोशल मीडिया
लंभुआ (सुल्तानपुर)। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य व साहित्यकार डॉ. राम प्यारे प्रजापति को सेवक साहित्य श्री सम्मान मिला है। काशी में आयोजित साहित्य संघ वाराणसी के 33 वें वार्षिक अधिवेशन में 14 वरिष्ठ साहित्यकार सम्मानित किए गए थे।
क्षेत्र के जमखुरी निवासी डॉ. राम प्यारे प्रजापति की कई रचनाएं हिंदी साहित्य जगत में पसंद की जाती हैं। करीब 84 वर्ष पुराने काशी के विद्वान साहित्यकार से सृजित साहित्य संघ ने अपने 33वें वार्षिक अधिवेशन में 12 वरिष्ठ साहित्यकारों को सेवक साहित्य श्री सम्मान-2024 और दो साहित्यकारों को कलम का सिपाही सम्मान प्रदान किया है। साहित्य संघ वाराणसी व सोच विचार पत्रिका के संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन टाउन हॉल वाराणसी के श्री अग्रसेन आर्य कन्या इंटर कॉलेज में रविवार को किया गया था।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ बाल साहित्यकार प्रो. ऊषा यादव (आगरा) रहीं। अध्यक्षता डॉ. रमाकांत शर्मा उद्भ्रांत ने की। इसमें जिले के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम प्यारे प्रजापति को सेवक साहित्य श्री सम्मान-2024 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि डॉ. बेनी माधव वाराणसी ने किया।