सुल्तानपुर। घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े मामले में आरोपी पति के खिलाफ जारी रिकवरी वारंट का तामील कराने में बार-बार लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्ष चांदा के खिलाफ स्पेशल मजिस्ट्रेट प्रियंका दिवाकर की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में 28 नवंबर के लिए थानाध्यक्ष को लिखित स्पष्टीकरण के साथ व्यक्तिगत रूप से तलब किया है, साथ ही दंडित करने की चेतावनी भी दी है।
कोतवाली नगर के घरहा खुर्द की रहने वाली रुखसाना बानो के आरोप के मुताबिक, उनकी शादी साल 2014 में चांदा थाने के स्थानीय कस्बा निवासी अमजद अली से हुई थी। दोनों पक्षों के बीच अनबन होने की वजह से मामला अदालत तक पहुंच गया। रुखसाना बानो व उनकी बेटी की तरफ से घरेलू हिंसा की स्पेशल कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें अदालत ने प्रतिमाह पांच हजार रुपये भरण-पोषण की धनराशि अदा करने के लिए पति अमजद अली को आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश के बावजूद धनराशि नहीं जमा की जा रही है, नतीजतन 3.82 लाख रुपये की वसूली के लिए अदालत से कई बार रिकवरी वारंट जारी किया गया, लेकिन चांदा थाने की पुलिस ने बार-बार वारंट जाने के बाद भी विपक्षी अमजद अली के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किया।