बाराबंकी। मरीजों को ब्रांडेड दवाएं लिखने की जगह अस्पताल में दवा न होने पर अब चिकित्सक सिर्फ जनऔषधि केंद्रों पर मिलने वाली अच्छी और सस्ती दवाएं ही मरीजों को लिखेंगे। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने की तरफ से जारी आदेश के साथ ही सभी सीएमओ और सीएमएस को इसका पालन सख्ती से कराने के लिए कहा गया है। निगरानी के दौरान यदि कोई चिकित्सक बाहर की ब्रांडेड दवा लिखता मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
जिले के 23 अस्पतालों में जनऔषधि केंद्र खोले जाने हैं, इनमें से 20 अस्पतालों में केंद्र खोले दिए गए हैें। जिला अस्पताल, सीएचसी फतेहपुर और सिरौलीगौसपुर में केंद्र खोलने की प्रक्रिया चल रही है। मौसमी बदलाव के कारण अस्पतालों में इन दिनाें मरीजों की भीड़ काफी बढ़ी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन जहां 1500 से 1800 मरीज देखे जा रहे हैं।
वहीं सीएचसी पर 250 से 300 मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंच रहें हैं। ऐसे में परचे पर तीन चार दवाएं अस्पताल की लिखने के साथ एक दो दवाएं ब्रांडेड भी लिख रहे हैं। इस पर रोक लगाने के उद्देश्य से ही प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा ने आदेश जारी कर कहा है कि अस्पताल की फार्मेसी पर दवाएं उपलब्ध न होने की स्थिति में ब्रांडेड दवाएं लिखने के बजाए जनऔषधि केंद्रों पर उपलब्ध जेनरिक दवाएं ही लिखी जाए। ताकि मरीजों को यह दवाएं अस्पताल में संचालित जनऔषधि केंद्र पर ही आसानी से मिल सके।