जिला अस्पताल में बिना छुट्टी लिए पांच चिकित्सक शुक्रवार को ओपीडी से नदारद हो गए। ऐसे में दूर-दराज से चिकित्सकों को दिखाने पहुंचे मरीजों के साथ ही उनके तीमारदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात यह बन गए कि इमरजेंसी कक्ष में तैनात चिकित्सक से कई बार तीमारदारों की नोकझोंक तक हुई।
जिला अस्पताल में शुक्रवार को ओपीडी के कक्ष संख्या तीन में तैनात फिजीशियन डॉ. एके सेंगर, कक्ष संख्या 10 में तैनात चिकित्सक डॉ. एससी गुप्ता के साथ ही एक आर्थो सर्जन, दंत रोग विशेषज्ञ के साथ ही नेत्र रोग विशेषज्ञ बिना बताए ड्यूटी से नदारद थे। इन चिकित्सकों को दिखाने पहुंचे मरीजों के साथ ही तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी। तीमारदारों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। इमरजेंसी कक्ष में तैनात चिकित्सक डॉ. अनुराग पांडेय की कई बार तीमारदारों से नोकझोंक हुई।
दूसरी तरफ ओपीडी में मात्र डॉ. राम धारेंद्र व डॉ. इंद्रसेन गौतम ही ड्यूटी करते मिले। इन दो चिकित्सकों की ओपीडी में क्षमता के सापेक्ष तीन गुना मरीजों का रेला टूट पड़ा। इसकी वजह से दोनों चिकित्सकों को भी परेशानी हुई। इमरजेंसी कक्ष में तैनात डॉ. अनुराग पांडेय ने बताया कि चूंकि ओपीडी में कई चिकित्सक मौजूद नहीं है, लिहाजा हर कोई इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक को ही दिखाना चाह रहा है। भीड़ में एक-एक मरीज को ही देखा जा सकता है। मरीजों के तीमारदारों को थोड़ा इंतजार करने को कहा गया तो लोग झगड़े पर आमादा हो गए।
व्यवस्था पटरी पर लाने में लगेगा थोड़ा वक्त: सीएमएस
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. योगेंद्र यति ने बताया कि डॉ. एके सेंगर ने चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन किया था। उनकी छुट्टी स्वीकृत हो गई है। ओपीडी में कई चिकित्सक शुक्रवार को नहीं बैठे, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हुई है। हमने हाल ही में ही चार्ज लिया है। व्यवस्था पटरी पर लाने में थोड़ा वक्त लगेगा।