मिशन 2017 चुनाव के लिए शनिवार को सपा कार्यालय पर बुलाई गई जिला कार्यकारिणी की बैठक हंगामेदार रही। सपा कार्यकर्ताओं ने विधायकों पर हैंडपंप बेचने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन्हें लालबत्ती मिली है उनकी समीक्षा की जाए कि उन्होंने पार्टी और कार्यकर्ताओं के लिए कितना काम किया।
शनिवार को सुपर मार्केट स्थित सपा कार्यालय पर हुई जिला कार्यकारिणी की बैठक में सपा कार्यकर्ताओं ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री/प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव की तारीफ की लेकिन विधायकों के साथ ही जिले के दर्जा प्राप्त मंत्री पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया।
सभी ने कहा कि विधायकों के साथ ही जिले में शीर्ष नेतृत्व को गुमराह कर लालबत्ती लेने वालों की समीक्षा की जाए। जिलाध्यक्ष प्रो. राम सहाय यादव से कहा कि उनकी भावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाए।
जिला सचिव अशोक वर्मा ने कहा की साढ़े चार साल बीत गए। कई पद ऐसे हैं जिस पर कार्यकर्ता को मनोनीत कर उनका सम्मान हो सकता था लेकिन बड़े नेताओं ने ध्यान नहीं दिया। अब कार्यकर्ता याद आ रहे हैं।
जिले के कई बड़े नेताओं को 100 हैंडपंप मिले थे जो कार्यकर्ताओं को न देकर बेच दिए गए। परमात्मा यादव ने विधायक अरुण वर्मा पर खुद को जिला पंचायत सदस्य चुनाव में हराने का आरोप मढ़ा। रवींद्र तिवारी ने कहा कि पार्टी से पांच सभासद नामित हैं लेकिन एक भी मनोनीत सभासद पार्टी कार्यालय पर नहीं दिखा।
उन्होंने डॉ. सुरभि शुक्ला के पति पर भी गंभीर आरोप लगाए। सपा के नगर अध्यक्ष हमीद घोषी ने कहा कि विधायक कार्यकर्ता का ध्यान नहीं दे रहे। बाद में बड़े नेताओं ने कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।