सुल्तानपुर। आजाद वर्मा हत्याकांड में आरोपी अनुराग पांडेय की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को जिला जज सुनील कुमार ने खारिज कर दी। अदालत ने अखंडनगर के थाना प्रभारी धीरेंद्र वर्मा को विवेचना में खामियों के लिए फटकार लगाई। अदालत ने जांच की कमियां शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया।
अदालत ने धीरेंद्र वर्मा से मृत्युपूर्व बयान के वायरल वीडियो को जांच का हिस्सा न बनाने पर सवाल किए। वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। शासकीय अधिवक्ता ने विवेचना की कमियां पूरी करने के लिए समय मांगा, जिस पर अदालत ने उन्हें चेतावनी दी। बचाव पक्ष ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए जमानत अर्जी पर जोर नहीं दिया। यह मामला 28 जून को हुई आजाद वर्मा की हत्या से जुड़ा है। वादी बादल वर्मा ने अशोक पांडेय, राज नारायण पांडेय, अनुराग पांडेय, रूपम पांडेय, सत्यम पांडेय और सूरज पांडेय पर रंजिश में हत्या का आरोप लगाया था।
पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मृतक के परिजनों की शिकायत पर जांच अखंडनगर थाना प्रभारी धीरेंद्र वर्मा को सौंपी गई थी। धीरेंद्र वर्मा ने जांच में नए तथ्य सामने लाए और दो अन्य आरोपी अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा व अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा को लखनऊ से हिरासत में लिया।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार अभिषेक वर्मा (विजय बहादुर वर्मा के पुत्र) ने कहासुनी के दौरान गोली चलाई थी। अभियोजन पक्ष के निजी अधिवक्ता ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने के लिए जानबूझकर जांच में लापरवाही का आरोप लगाया। जिला जज ने विवेचक को निष्पक्ष जांच कर साक्ष्यों के अनुरूप रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।