सुल्तानपुर। फॉर्मेसी व नर्सिंग के विद्यार्थियों के लिए जिला मुफीद साबित हो रहा है। यहां पड़ोसी जनपदों से विद्यार्थी बीफॉर्मा व नर्सिंग की पढ़ाई करने आते हैं। एक तरह से इन दोनों कोर्सों की पढ़ाई के लिए जिला हब बन रहा है।
कोरोना काल के बाद सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया है। नर्सिंग स्टॉफ व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भर्तियां भी तेज हुई हैं। वहीं प्राइवेट हॉस्पिटल भी तेजी से खुले हैं। नर्सिंग व फॉर्मेसी क्षेत्र में रोजगार की ज्यादा संभावनाएं देखते हुए अब विद्यार्थियों का रुझान भी इन कोर्सों में बढ़ा है।
वर्ष 2019 के पहले जहां करीब तीन नर्सिंग कॉलेज थे, अब इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। नर्सिंग कॉलेजों में जीएनएम व एएनएम की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। बीफॉर्मा व डीफॉर्मा की पढ़ाई के लिए संचालित फॉर्मेसी कॉलेजों की संख्या में भी खासी बढ़ोतरी हुई है। तीन साल पहले जहां गिनती के फॉर्मेसी कॉलेज थे, वहीं अब ये 10 के करीब पहुंच गए हैं। बीफॉर्मा व डीफॉर्मा में पढ़ाई के लिए आसपास के जिलों से भी विद्यार्थी आते हैं।
जल्द खुलेगा सरकारी नर्सिंग कॉलेज
नर्सिंग की पढ़ाई के लिए जल्द ही सरकारी कॉलेज खुलेगा। शासन ने सरकारी नर्सिंग कॉलेज के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के समीप ही एक एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मांग चिकित्सा शिक्षा विभाग ने की है। प्रशासन की ओर से प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज के लिए जमीन की तलाश भी शुरू हो गई है।
नौकरी व व्यवसाय की संभावना से बढ़ा रुझान
कमला नेहरू इंस्टीट्यूट के फॉर्मेसी संकाय के निदेशक प्रो. महेश प्रसाद ने बताया कि नौकरी व व्यवसाय की ज्यादा संभावनाओं की वजह से फॉर्मेसी व नर्सिंग पाठ्यक्रम में छात्र-छात्राओं का रुझान बढ़ा है। कोरोना की वजह से स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार हुआ है। हॉस्पिटलों की संख्या भी खासी बढ़ी है। अस्पतालों व पैथालॉजी में कुशल कर्मियों की मांग पहले की अपेक्षा कई गुना बढ़ गई है। यही वजह है कि फॉर्मेसी व नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए मारामारी है।