सुल्तानपुर। अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत स्ववित्तपोषित शिक्षकों ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने न्यूनतम वेतनमान नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री कैशलेस योजना का बहिष्कार की घोषणा की है।
केएनआई अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के प्रतिनिधि कुंज बिहारी पांडेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में 25 वर्ष से अनुमोदित शिक्षक अल्प वेतन पर कार्य कर रहे हैं। सरकार ने कैशलेस का वह झुनझुना पकड़ा दिया है, जिसे कभी मांगा ही नहीं था। संत तुलसीदास पीजी कॉलेज के प्रभात सिंह ने सरकार पर वोट बैंक की राजनीति के लिए रुपये के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि ने वेतन को लेकर दोहरी व्यवस्था खत्म करने की मांग की। गनपत सहाय पीजी काॅलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनय पांडेय ने वेतन में असमानता को समाप्त करने की अपील की है। इस मौके पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिशिर श्रीवास्तव, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. स्तुति शुक्ला, डॉ. शशि प्रकाश मिश्र, डॉ. प्रदीप शर्मा व डॉ. अजीत सिंह उपस्थित रहे।