सुल्तानपुर। ठंड ने बुजुर्ग और सांस रोगियों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में लगातार सांस रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में 1324 मरीजों ने पंजीकरण करवाया। जबकि, 452 पुराने मरीजों ने इलाज कराया। इनमें से सांस और हृदय रोगियों की तादाद करीब 135 रही।
तापमान में गिरावट आने से कई तरह की परेशानियां आ रही हैं। काला दमा व अस्थमा मरीजों के लिए स्थिति ज्यादा खराब है। मेडिकल कॉलेज में सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. आर धीरेंद्र ने बताया कि ठंड बढ़ने से दमा व अस्थमा मरीजों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सर्दियों के चार महीने सांस रोगियों के लिए खतरनाक होते हैं। सांस फूलने की समस्या आम होती है। खांसी की समस्या भी बढ़ जाती है।
टहलते वक्त सिर ढक कर रखें
फिजीशियन डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि गांवों में ज्यादातर लोग आग जलाकर बैठते हैं। धुएं से भी सांस की समस्या आती है। धूल-मिट्टी भी सांस रोगियों के लिए काफी परेशानी पैदा करती है। उन्होंने कहा कि सुबह टहलने जाते समय सिर को ढककर रखें। सर्दी से बचने के लिए ठीक प्रकार से गर्म कपड़े पहनें। कमरे की सभी खिड़की और दरवाजे बंद न करें, इससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद