जिले में डायरिया बेकाबू हो गया है। लगातार डायरिया से पीड़ित बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। पीड़ितों की संख्या में तेजी से इजाफा होने से स्वास्थ्य विभाग में अफरातफरी मची है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक हाई अलर्ट पर रखे गए हैं। चिकित्सकों की मानें तो पिछले दो दिनों में अचानक डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। प्रतिदिन 100 से 150 डायरिया के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
भीषण गर्मी में संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। जिले में सबसे ज्यादा लोग डायरिया से पीड़ित होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में ज्यादा संख्या बच्चों की है। चिकित्सक डायरिया से पीड़ित मरीजों की तेजी से बढ़ रही संख्या देखकर दंग हैं।
चिकित्सक इसकी वजह भीषण गर्मी को मान रहे हैं। नेवादा गांव की अर्चना (20), पांचोपीरन गांव का फैसल (3), गभड़िया इलाके का चंचल (12), शास्त्रीनगर निवासी सियाराम (60), माला देवी (61) निवासी करौंदिया, सेमरा की सुनीता देवी (36), इटकौली की सईया (30) समेत दर्जनों नए मरीज शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
सीएमएस डॉ. जलालुद्दीन ने बताया कि लगातार डायरिया के केस बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों को अलर्ट पर रखा गया है। अस्पताल पूरी तरह से डायरिया व बुखार से पीड़ित मरीजों से पटा पड़ा है। इमरजेंसी कक्ष में तैनात डॉ. पीएन यादव ने बताया कि कक्ष में दबाव बहुत बढ़ गया है। डायरिया से पीड़ित मरीजों को तुरंत भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल प्रसाद रजक ने बताया कि इस समय वायरल डायरिया फैला है। इसमें हल्के बुखार के साथ उल्टी और दस्त शुरू हो जाती है। इससे जल्द ही डिहाइड्रेशन हो जाता है।
इसलिए मरीज को तुरंत ओआरएस का घोल देना चाहिए। दवा के साथ दाल का पानी, नारियल पानी, खिचड़ी के साथ ही तरल पदार्थ देते रहना चाहिए। अगर ताजा दही मिले तो बच्चों को सुबह-शाम दो-दो चम्मच खिलाते रहें।