सूरापुर (सुल्तानपुर)। पौराणिक धर्मस्थली विजेथुआ महावीरन धाम में हनुमत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि रावण की धमकी के बाद मायावी कालिनेमि ने विजेथुआ पहुंचकर मंदिर बना दिया। यहां पर धान्यमालिनी नामक अप्सरा जो मकरी बनी थी। कालिनेमि का वध होना था, इसलिए हनुमानजी को प्यास लगी।
स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने ‘बानर शरीर धरि रहबै ब्रह्मचारी’ भजन जब अवधी में सुनाया तो श्रद्धालु झूम उठे। कहा कि हनुमान बनकर मैं राम को बार-बार प्रणाम करूंगा। शंकर जी ने पार्वती के कहने पर लंका बनवाई। जिस लंका को तुम्हारे कहने पर मैंने बनवाया, उसमें रावण अत्याचार कर रहा है। अब मैं वानर बनकर उसी लंका को जलाऊंगा। भूत पिशाच का नाश करूंगा। रावण ने माता सीता का अपहरण किया। रावण की छाती में लात मारकर माता के अपमान का बदला लूंगा।
जगद्गुरु ने कहा कि मां मुझे बहुत भूख लगी है। मां अंजना ने कहा कि सुबह जो सुंदर फूल दिखाई दे, उसे खा लेना। इंद्र के बज्र के प्रहार से हनुमानजी का हनु नहीं टूटा। तब इंद्र ने उनका नाम हनुमान रख दिया। कथा में विधायक राजेश गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा, राम मिलन तिवारी, डाॅ. रत्नेश तिवारी, आनंद जायसवाल, गिरिजेश तिवारी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। अंत में संयोजक विवेक तिवारी ने आभार व्यक्त किया।
गोवर्धन पूजा से नष्ट होते पाप:गजानंद शास्त्री
विंदेश्वरीगंज (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के समरथपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार को कथा व्यास पंडित गजानंद शास्त्री ने कहा कि गोवर्धन पूजन करने से पाप नष्ट होते हैं। एक बार गोवर्धन ने पुलस्त्य ऋषि के सामने शर्त रखी कि आप जहां भी मुझे स्थापित करोगे, मैं वहां से आगे नहीं बढूंगा।
कथा के अंत में व्यास पीठ की आरती उतारी गई। इस मौके पर अनिल मिश्र, ओमप्रकाश पांडेय बजरंगी, प्रभुनाथ पांडेय, देवी प्रसाद तिवारी, लल्लन मिश्र आदि मौजूद रहे। संवाद