धम्मौर में तारों के ऊपर की डाल काटते कर्मी। स्रोत- विभाग
कुड़वार/धम्मौर। मरम्मत के नाम पर शुक्रवार को बिजली कटौती ने कुड़वार से दूबेपुर तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कुड़वार और सरकौड़ा उपकेंद्र सुबह नौ बजे बंद किए गए। दोपहर दो बजे तक आपूर्ति बहाल होनी थी, लेकिन काम पूरा न होने से अतिरिक्त कटौती करनी पड़ी।
करीब आठ घंटे बिजली गुल रहने से दोनों उपकेंद्रों से जुड़े डेढ़ लाख लोग उमस व गर्मी में परेशान रहे। बिजली न होने से घरों में पानी की मोटरें नहीं चल सकीं और पेयजल संकट गहरा गया। किसान सिंचाई नहीं कर सके, जबकि दुकानों और छोटे कारोबार पर भी असर पड़ा। विद्युत निगम की ओर से पहले ही कटौती की सूचना दी गई थी। एसडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि अनुरक्षण कार्य के लिए आपूर्ति बंद की गई थी। समय पर काम पूरा नहीं होने के कारण कटौती की अवधि बढ़ानी पड़ी।
धम्मौर विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति भी सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक बंद रही। जिससे करीब 70 हजार आबादी प्रभावित हुई। इससे पहले बुधवार को भी डाल छंटाई के नाम पर आपूर्ति बंद की गई थी। उपभोक्ता शिव शरण गुप्ता, राम मिलन आदि का कहना है कि फॉल्ट, ओवरलोड और रोस्टरिंग के कारण आए दिन लंबी कटौती होती है। फॉल्ट होने पर कई बार 20 से 22 घंटे तक बिजली गुल रहती है। इससे घरेलू कामकाज के साथ किसान और दुकानदार सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। अवर अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि डाल छंटाई के दौरान सुरक्षा के लिए आपूर्ति बंद की गई थी।