सुल्तानपुर। जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। इसकी चपेट में आने के साथ लोगों की मौतें हो रहीं हैं। जिला अस्पताल में भर्ती डेंगू पीड़ित एक किशोर की रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। जांच के बाद किशोर को भर्ती कराया गया था। इसके साथ जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या 21 पहुंच गई है। पीड़ितों के मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। जिला मलेरिया विभाग की ओर से कराई गई 90 लोगों की जांच में रविवार को सात लोग डेंगू पीड़ित पाए गए हैं। रविवार को छुट्टी होने के कारण जिला अस्पताल में डेंगू से पीड़ित लोगों की जांच नहीं हो सकी।
बंधुआकलां क्षेत्र के दादूपुर निवासी शंकर गुप्ता के बेटे निशांत गुप्ता (14) को कई दिन से बुखार था। जिला अस्पताल में जांच कराने के बाद निशांत को डेंगू पॉजिटिव पाया गया था। निशांत का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान रविवार को निशांत ने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। जिले में चौबीस घंटे के दौरान डेंगू से यह दूसरी और अब तक 21 मौत है। शनिवार को ही हालत बिगड़ने पर शहर के एक निजी अस्पताल से रेफर किए गए मायंग निवासी हरिशंकर पांडेय के पुत्र गौरव (17) ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था।
शहर क्षेत्र में डेंगू पीड़ितों के मिलने सिलसिला थम नहीं रहा है। मलेरिया विभाग की टीम की जांच में लगातार डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। रविवार को भी जिला मलेरिया अधिकारी बंशीलाल के निर्देश पर वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन की अगुवाई में टीम ने शहर के करौंदिया मोहल्ले में शिविर लगाकर 33 लोगों की जांच की गई। इनमें दो लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। आर्दश नगर मोहल्ले में 57 लोगों की जांच में पांच लोग डेंगू से पीड़ित मिले हैं। रविवार की छुट्टी होने की वजह से जिला अस्पताल में बुखार पीड़ितों की जांच नहीं हो सकी।