सुल्तानपुर। कोरोना के बाद एक बार फिर जिला अस्पताल का ब्लड बैंक लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरा है। भारी दबाव के बावजूद ब्लड बैंक डेंगू पीड़ित मरीजों की प्लेटलेट्स की जरूरतें पूरी कर रहा है।
अक्तूबर महीने के 28 दिनों में ब्लड बैंक से 1015 यूनिट प्लेटलेट्स डेंगू पीड़ित मरीजों को दी जा चुकी हैं। इसके साथ ही जरूरतमंदों को 893 यूनिट ब्लड दिया गया है। ब्लड बैंक के चार-पांच कर्मचारी दिन-रात प्लेटलेट्स बनाने के कार्य में लगे हैं। यहां के कर्मचारी शिफ्टवार 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। डेंगू का प्रकोप बढ़ने के बाद औसतन प्रतिदिन 64 यूनिट प्लेटलेट्स यहां तैयार की जा रही है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि जिन लोगों की प्लेटलेट्स 50 हजार से ऊपर है, या फिर बढ़ रही है। वे चिकित्सक की निगरानी में प्रतीक्षा कर सकते हैं। जरूरतमंद को ही प्लेटलेट्स चढ़वानी चाहिए। डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है।
कोरोना के दौरान हुए लॉक डाउन में भी जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता बनी थी। समाजसेवियों से लेकर यहां के कर्मचारियों तक ने फिजिकल डिस्टेंसिंग को मेनटेन करते हुए ब्लड का कोटा कम नहीं होने दिया। जरूरतमंदों को यहां से ब्लड मिलता रहा। डेंगू के प्रकोप में भी ब्लड बैंक ने लोगों का भरोसा कायम रखा है। साथ ही 893 यूनिट ब्लड जरूरतमंदों को दिया गया है। ब्लड बैंक के चार-पांच कर्मचारी दिन-रात प्लेटलेट्स बनाने के कार्य में लगे हैं। यहां के कर्मचारी शिफ्टवार 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। डेंगू का प्रकोप बढऩे के बाद औसतन प्रतिदिन 64 यूनिट प्लेटलेट्स यहां तैयार की जा रही है। कर्मचारियों की कोशिश यह भी होती है कि ब्लड बैंक में आपात स्थिति के लिए औसतन 70 यूनिट की उपलब्धता बनी रहे। ब्लड बैंक के फार्मासिस्ट अनुराग गुप्ता ने बताया कि इस बीच रक्तदान के जरिए जो ब्लड आ रहा है, उसका उपयोग प्लेटलेट्स बनाने में किया जा रहा है। कोई भी जरूरतमंद अब तक प्लेटलेट्स को लेकर निराश नहीं लौटा है।
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