सुल्तानपुर। अंतिम संस्कार के बाद महिला के परिवारीजनों को लेकर लौट रहा बस परिचालक बुधवार शाम टोल प्लाजा के पास बस से कुचल गया। टोल प्लाजा कर्मचारियों ने घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन तक उपलब्ध नहीं कराया। इससे नाराज परिवारीजनों ने टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा काटा। परिवारीजन घायल को लेकर लखनऊ जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
जयसिंहपुर क्षेत्र के देवपरापार गांव में बुधवार को रामलाल की पत्नी परागा देवी (60) की मौत हो गई थी। परिवारीजन परागा देवी का अंतिम संस्कार करने के लिए शव को एक प्राइवेट बस से लेकर दियरा घाट गए थे। परिवारीजन शव का अंतिम संस्कार कर देर शाम घर लौट रहे थे। बस राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भीखूपुर (पीढ़ी ) स्थित टोल प्लाजा से गुजर रही थी। बस में लगे फास्टैग को टोल की मशीन रीड नहीं कर पा रही थी, तो टोल कर्मियों ने चालक को बस दूसरे लेन में ले जाने को कहा। परिचालक अशोक गुप्ता (35) निवासी सुमेरपुर बस को आगे पीछे करा रहा था। इस बीच परिचालक बस और डिवाइडर के बीच दब गया।
बस में मौजूद सवारियों ने चिल्लाकर बस रुकवाया, लेकिन तब तक परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बस में मौजूद लोगों ने टोल कर्मियों से घायल को अस्पताल पहुंचाने की मांग की, लेकिन कोई वाहन नहीं दिया गया। इसे लेकर टोल कर्मियों से काफी बहस हुई। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे अशोक गुप्ता के परिवारीजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। परिवारीजन अशोक को लेकर लखनऊ जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।