सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर्रमीडिएट उर्दू विषय की परीक्षा नौ मार्च को आयोजित होगी। उर्दू में अच्छे अंक पाने के लिए कवायद (व्याकरण) पर मजबूत पकड़ बनानी होगी। इसके लिए रोजाना अभ्यास करना जरूरी है। नियमित अभ्यास से भाषा का स्वाभाविक प्रवाह व उच्चारण सुधरता है। पीएमश्री केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका रचना ने उर्दू विषय में अच्छे अंक पाने के लिए परीक्षार्थियों को टिप्स दिया है।
शिक्षिका रचना ने बताया कि छात्रों को नज्म (कविता), नसर (गद्य) और कवायद (व्याकरण) जैसे उर्दू के सभी प्रमुख विषयों का एक माइंड मैप तैयार करना चाहिए। माइंड मैप बनाने से छात्रों के मस्तिष्क में सभी महत्वपूर्ण विषय-वस्तु स्पष्ट रूप से अंकित हो जाती है। परीक्षा के दौरान प्रश्नों को हल करने में आसानी होती है। कहा कि किसी भी पाठ्य सामग्री से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते समय उत्तर देने की शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली होनी चाहिए। कविता और गद्य की व्याख्या करते समय प्रसंग (सियाक) और संदर्भ (सबक) को अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए। इससे उत्तर की गहराई और प्रासंगिकता बढ़ती है। व्याकरण से संबंधित प्रश्नों को सही ढंग से हल करने पर अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। इसलिए छात्रों को व्याकरण के नियमों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। किसी कवि या लेखक के जीवन परिचय (सवानेह हयात) को लिखते समय उनकी साहित्यिक सेवाओं (अदबी खिदमात) को अवश्य शामिल करना चाहिए। यह उनके साहित्यिक योगदान को उजागर करता है। संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, और लाहक़ा जैसी चीजों का अभ्यास करें, क्योंकि यह शत प्रतिशत अंक दिलाने में मदद कर सकता है। थोड़े-थोड़े समय के लिए बार-बार अभ्यास करें।
लिखाई का अभ्यास जरूरी
शिक्षिका रचना ने बताया कि हिंदी के मुकाबले उर्दू की लिपि (अरबी-फारसी) अलग है, इसलिए लिखाई का अभ्यास करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उर्दू के सही उच्चारण को समझने के लिए जोर-जोर से बोलकर पढ़ें। व्याकरण की गलतियां अंक कम कर सकती हैं, इसलिए वर्तनी पर विशेष ध्यान दें। प्रश्नों के अंकों के अनुसार उत्तर लिखें, बहुत अधिक अनावश्यक विस्तार से बचें। जो प्रश्न अच्छी तरह आते हों, उन्हें पहले हल करें।