जिले के प्राथमिक विद्यालयों के लिए जारी हुए 700 से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर प्रधान और प्रधानाध्यापकों की मिलीभगत से गायब हो गए हैं। आपूर्ति विभाग की तरफ से कराई गई गोपनीय जांच में इसका खुलासा हुआ है। जांच में कनेक्शन धारक बने शिक्षकों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है। मिड-डे मील योजना का भोजन बनने में सहूलियत के लिए यह कवायद शुरू की गई थी।
योजना के क्रियान्वयन के दौरान रहे प्रधान भी जांच के घेरे में होंगे।
शासन ने तकरीबन पांच वर्ष पूर्व जिले के प्राथमिक विद्यालयों के नाम घरेलू गैस कनेक्शन कराने का आपूर्ति विभाग को आदेश जारी किया था। आदेश के तहत जिला पूर्ति अधिकारी को प्रधानाध्यापकों को कनेक्शन धारक बनाने को कहा गया था। कनेक्शन धारक के विवरण में संबंधित विद्यालय का पता दर्ज कराया गया था। उसके बाद शहरी व ग्रामीण एजेंसियों से 725 से अधिक घरेलू गैस कनेक्शन जारी कराए गए।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक को कनेक्शन पेपर व पासबुक हस्तांतरित कर प्रतिमाह रिफिल लेने को कहा गया। समय बीतने के साथ ही ये घरेलू गैस सिलेंडर गायब कर दिए गए। आपूर्ति विभाग की गोपनीय जांच में सिलेंडरों के गायब होने का मामला प्रकाश में आया है। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।