25. मुहर्रम के अंतिम जुलूस में अमहट में उमड़ी भीड़। स्रोत-सोशल मीडिया
अमहट। शहर से सटे अमहट स्थित जामा मस्जिद में सोमवार को मजलिस हुई। इसके बाद मुहर्रम का अंतिम जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल अंजुमनों ने नौहाख्वानी की।
मोमिनीन अमहट की तरफ से जामा मस्जिद में आयोजित मजलिस को मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने संबोधित किया। मजलिस के बाद शबीह ताबूत हजरत इमाम हसन असकरीअमारी का जुलूस जामा मस्जिद से उठकर अमहट के सभी इमामबाड़ों से होकर हुसैनिया नौतामीर के सामने पहुंचा। यहां हुसैनी काफिले की मदीना वापसी का दृश्य पेश किया गया। जुलूस के दौरान मौलाना मुशीर अब्बास खान सुल्तानपुरी, मौलाना सैयद अब्बास, इरशाद नकवी लखनवी और मौलाना सैयद आमिर काजमी मुजफ्फरनगर ने तकरीर की। संचालन सागर आजमी ने किया। अंजुमन गुलशने इस्लाम भौंरा सादात अंबेडकरनगर, अंजुमन फरोगे अजा बाराबंकी, अंजुमन नकविया ऊंचाहार, अंजुमन परचमे अब्बास अहले सुन्नत लंभुआ ने नौहाख्वानी की। हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खान ने सहयोग के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
इमाम-ए हसन असकरी की शहादत पर निकाला जुलूस
सुल्तानपुर। शहर के खैराबाद मोहल्ले में स्थित इमामबाड़ा बेगम हुसैन अकबर से सोमवार को इमाम-ए हसन असकरी की शहादत पर जुलूस निकाला गया। मजलिस को मौलाना बबर अली खां ने संबोधित किया। जुलूस में शफाअत हुसैन ने सोजखानी और शेर अली ने पेशखानी की। इस दौरान जुलूस में अंजुमन जीनतुल अजा अलीगढ़ अमहट ने नौहाख्वानी की। महफूज सुल्तानपुरी ने नौहा पढ़ा। इस मौके पर हाजी डॉ. हादी रजा, शबीहुल हसनैन, शाहिद अकबर, नसीम हुसैन, शाहिद रजा, आलम रिजवी आदि मौजूद रहे। (संवाद)