24 ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त आयोग से बिना अनुमति के करीब 19 लाख रुपये निकालने का मामला प्रकाश में आया है। जिला पंचायतराज अधिकारी ने इन ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। उन्हें 15 दिन का समय दिया है। डीपीआरओ की इस कार्रवाई से विकास महकमे में हड़कंप मचा है।
बिना कार्य योजना तैयार किए संबंधित अधिकारी से बगैर अनुमति के 24 ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त आयोग से करीब 19 लाख रुपये निकालना दस ग्राम पंचायत सचिवों को भारी पड़ गया।
मासिक समीक्षा के दौरान मामला उजागर होने पर डीपीआरओ एसबी सिंह ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इन ग्राम पंचायतों में तैनात दस ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस देकर 15 दिवस में जवाब मांगा है।
डीपीआरओ की ओर से जारी पत्र में जवाब से संतुष्ट नहीं होने व समय से जवाब नहीं देने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया है। डीपीआरओ की इस कार्रवाई से विकास महकमे में हड़कंप मचा है।
डीपीआरओ एसबी सिंह के मुताबिक राज्य वित्त आयोग के खाते में बीते दिनों करीब एक-एक लाख रुपये भेजे गए थे। इस धनराशि से ग्राम पंचायत में नाली, खड़ंजा निर्माण व हैंडपंप जैसे अन्य पक्के कार्यों की मरम्मत कराई जाती है। इसके लिए पहले कार्य योजना तैयार कर कार्य कराने की अनुमति ली जाती है।
बिना कार्य योजना स्वीकृत कराए व बगैर अनुमति के ब्लॉक भादर के ग्राम पंचायत सचिव दिलीप कुमार, प्रवीण कुमार, शेषमणि पांडेय, अखिलेश सिंह, लाल कुंवर बहादुर सिंह, रामराज, देव प्रकाश, शोभनाथ सिंह, दिग्विजय सिंह व जगदीशपुर ब्लॉक के जितेंद्र बहादुर सिंह ने धनराशि निकाल ली।