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दो घरों में डाका, ननद-भाभी से गैंगरेप

Sat, 14 Nov 2015 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
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द्वारिकागंज पुलिस चौकी से महज पांच सौ मीटर के दायरे में डकैतों ने दो घरों में डाका डाल नौ लोगों को मारकर लहूलुहान कर दिया। पुरुषों को जान से मारने की धमकी देते हुए डकैतों ने ननद व भाभी के साथ गैंगरेप किया। डकैतों ने कच्छा और बनियान पहन रखा था।
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ग्रामीणों की सूचना के बाद भी पुलिस ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया। करीब तीन घंटे तक डकैतों का कहर जारी रहा। भोर में घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने महिला समेत दो लोगों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर नमूने एकत्र किए हैं। केस लिख्ा लिया गया है।

डकैतों ने पहला निशाना गोसाईगंज थाने के द्वारिकागंज पुलिस चौकी से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित एक घर को बनाया। शुक्रवार देर रात करीब एक बजे एक मकान का दरवाजा तोड़ अंदर घुस गए। छह लोगों ने कमरे में मौजूद महिलाओं व पुरुषों पर ताबड़तोड़ डंडे और धारदार हथियार से हमला शुरू कर दिया।
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डकैत कच्छा और बनियान पहने थे जबकि मुंह को गमछे से ढंका था। डकैतों ने 50 हजार रुपये नकद, एक किलोग्राम चांदी, सोने के अन्य जेवरात लूट लिए। ननद व भौजाई को धमकी देते हुए पुरुषों को कमरे में बंद कर ननद को घर के बाहर ले गए और सामूहिक दुष्कर्म किया, जबकि भाभी के साथ घर के अंदर ही तीन युवकों ने गैंगरेप किया।

डकैतों का कहर शनिवार सुबह करीब ढाई बजे तक जारी रहा। डकैतों के जाने के बाद एक किशोर द्वारिकागंज पुलिस चौकी पहुंचा और चौकी इंचार्ज को सूचना दी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने घटना स्थल की जांच शुरू की। परिवारीजन घायलों को खुद लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने महिला को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

डकैतों ने दूसरा निशाना डोडापुर गांव निवासी सत्तार के घर को बनाया। घर के बाहर मड़हे में लेटे सत्तार और उनकी पत्नी शमा बानों को बंधक बनाने के बाद डकैत घर में सीढ़ी के सहारे घुस गए। इस दौरान सत्तार की बहू नूरजहां सऊदी अरब में रह रहे पति शकील से फोन पर बात कर रही थी।

नूरजहां ने खटपट की आवाज सुनी तो शकील को घर में चोर घुसने की बात कहते हुए कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। डकैतों ने सत्तार, नूरजहां और घर में मौजूद बेटे नदीम (18) पर डंडे से प्रहार कर घायल कर दिया। उसके बाद घर में लूटपाट शुरू कर दी।

डकैतों ने नूरजहां के दरवाजे को तोड़ने का भी प्रयास किया। उधर, फोन पर मैसेज पाने के बाद शकील ने इसकी सूचना डोडापुर गांव के अन्य लोगों को दी। ग्रामीण हाथ में लाठी-डंडा लेकर शोर मचाते हुए वहां पहुंचे लेकिन तब तक डकैत फरार हो चुके थे।

ग्रामीणों की मानें तो डकैती की सूचना पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। गंभीर रूप से घायल सत्तार, नूरजहां, नदीम को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सत्तार को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।

गोसाईगंज थाना क्षेत्र में दो स्थानों पर हुई डकैती की वारदात ने पुलिस प्रशासन को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस की संवेदनहीनता का आलम यह था कि जिला अस्पताल में भर्ती गैंगरेप की शिकार महिलाओं से पुलिस के अधिकारियों ने 13 घंटे तक पूछताछ करना भी मुनासिब नहीं समझा।

देर शाम फैजाबाद से पहुंचे डीआईजी विजय कुमार गर्ग ने अस्पताल में भर्ती महिलाओं से मिले तो वे फफक पड़ीं। महिलाओं ने डीआईजी को आपबीती सुनाई। द्वारिकागंज चौकी इंचार्ज राघवेंद्र प्रताप सिंह की मानें तो करीब सवा दो बजे उनके पास पीड़ित के घर से एक किशोर पहुंचा और घटना की सूचना दी।

वे घटना स्थल पर पहुंचे थे। सबसे हैरत की बात यह रही कि एएसपी प्रद्युम्न सिंह को भी दोपहर तीन बजे तक सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी तक नहीं थी। पूछने पर कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो विवेचना में इसे भी शामिल किया जाएगा।
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