बेदूपारा गांव में शनिवार रात तेज बारिश के दौरान पड़ोसी की ईंट की दीवार कच्चे मकान पर गिर पड़ी। दीवार के मलबे में दबकर साढ़ू के बेटे समेत प्रौढ़ की मौत हो गई, जबकि महिला और उसकी भतीजी गंभीर रूप से घायल हो गई। घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रविवार की सुबह प्रशासनिक अफसरों ने घटना स्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के बेदूपारा गांव निवासी महेश शर्मा (55) अपनी पत्नी जानकी (50) के साथ ही साढू़ के बेटे शुभम (16) पुत्र प्रेमशंकर के साथ रहता था। कुछ दिनों पूर्व जानकी की भतीजी अंतिमा (18) पुत्री मोहन निवासी अहिलाही जिला प्रतापगढ़ भी बेदूपारा आई थी। कच्चा मकान जर्जर होने के कारण महेश बगल में ही कच्ची दीवार पर टीन शेड डालकर रहता था। शनिवार को तेज बारिश हो रही थी। देर शाम जब बरसात थमी तब महेश पत्नी जानकी, शुभम और अंतिमा के साथ टीन शेड के नीचे चारपाई पर सो गए। रात करीब साढ़े 11 बजे अचानक पडोसी अजय कृष्ण पांडेय के कच्चे मकान की एक दीवार महेश के टीन शेड पर गिर पड़ी।
तेज आवाज के बाद आसपास के लोगों की नींद खुल गई। लोग भागकर महेश के घर पहुंचे तो हर तरफ दीवार का मलबा दिख रहा था। ग्रामीणों ने दीवार के मलबे को हटाकर महेश, जानकी, शुभम और अंतिमा को बाहर निकाला। गंभीर हालत में चारों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने महेश और शुभम को मृत घोषित कर दिया। जानकी और अंतिमा की हालत नाजुक होने पर दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना पाते ही रविवार की सुबह एसडीएम डॉॅ. रमेश चंद्र शुक्ल, नायब तहसीलदार विकास धर दुबे राजस्व कर्मियों के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।