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पुखरायां ट्रेन हादसे में मां-बेटे समेत तीन की मौत

Mon, 21 Nov 2016 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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रोते परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के पुखरायां में हुए इंदौर-पटना ट्रेन हादसे में अमेठी व सुल्तानपुर के तीन लोग मौत का शिकार हो गए। पहचान के बाद सोमवार की सुबह गांव में शवों के पहुंचने पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मरने वालों में अमेठी के जामों थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी मां-बेटे व सुल्तानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के मिश्रपुर सलाहपुर के एक फर्नीचर कारोबारी शामिल हैं।  
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ट्रेन हादसे में अमेठी जिले के जामो क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव के मां-बेटे की मौत हो गई। दोनों इंदौर से निमंत्रण कार्यक्रम से घर वापस आ रहे थे। रविवार को दुर्घटना की सूचना मिलने एवं सोमवार की सुबह मां-बेटे का शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया है।

जामों थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बलभद्रपुर के रानीपुर गांव निवासी शीतला प्रसाद पासी घर में रहकर खेतीबाड़ी करते हैं। शीतला प्रसाद की बहन अनीता का परिवार इंदौर में रहता है। अनीता के बेटे का मुंडन संस्कार बीते 14 नवंबर को था। शीतला प्रसाद की पत्नी सुषमा (38) व बेटा अनीश (6) इसी कार्यक्रम में शामिल होने बीते 11 नवंबर को इंदौर गए थे।
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मुंडन संस्कार के बाद मां-बेटे इंदौर से लखनऊ तक का इंदौर-पटना एक्सप्रेस के एस-1 में रिजर्वेशन करवाकर घर वापस लौट रहे थे। रास्ते में कानपुर के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास हुए ट्रेन हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई। आधारकार्ड के आधार पर घर वालों को मां-बेटे की मौत की सूचना दी गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। सोमवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

हादसे की सूचना मिलने के बाद शीतला प्रसाद के चचेरे भाई तेज बहादुर ग्राम प्रधान आशीष शुक्ला के साथ पुखरायां कानपुर पहुंचे। तेज बहादुर ने बताया कि वहां पहुंचने पर पता चला कि मां-बेटे के शव का पोस्टमॉर्टम हो रहा है। पोस्टमॉर्टम हाउस से रेलवे प्रशासन ने पिकअप बुक कराकर शव के साथ हम लोगों को गांव भेज दिया। बताया कि शव ढूंढ़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई।

वहीं लंभुआ तहसील के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के मिश्रपुर सलाहपुर गांव निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा सपरिवार भोपाल में रहकर फर्नीचर का कारोबार करते थे। कारोबार के सिलसिले में ही वे इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन से रविवार को लखनऊ आ रहे थे। लखनऊ में कारोबार संबंधित कार्य देेखने के बाद उनका गांव आने का कार्यक्रम था।

रविवार की तड़के पुखरायां में हुए ट्रेन हादसे में उनकी भी मौत हो गई। जितेंद्र के मोबाइल फोन से बचाव दल ने दिल्ली में रह रहे इनके भतीजे मनोज को मौत की सूचना दी। मनोज ने इंदौर में रह रही जितेंद्र की पत्नी कंचन व गांव में दादी को फोन से सूचना दी। सूचना के बाद रविवार को उनकी पत्नी और बच्चे पुुखरायां पहुंच गए।

परिवार ने वहां जो हादसा देखा उससे सभी के होश उड़ गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद जितेंद्र का शव गांव पहुंचाया। सोमवार की सुबह शव गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। दोपहर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

टूट गई दो भाइयों की जोड़ी
जामों। शीतला प्रसाद के दो बेटे मनीष (13) व अनीश (6) थे। उनके तीन बेटियां शिवकुमारी (17), विनीता (14) व बिंदू (8) हैं। इंदौर-पटना ट्रेन हादसे में पत्नी सुषमा व बेटे अनीश की मौत के बाद दो बेटों की जोड़ी टूट गई।  दुर्घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। बच्चों के ऊपर से मां का साया उठ गया है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। शीतला प्रसाद दुर्घटना के बाद कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। 

80 वर्ष में देखी पति समेत अपने तीनों बेटों की मौत
लंभुआ। इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के शिकार जितेंद्र कुमार शर्मा की 80 वर्षीय मां चंपा देवी बेटे की मौत की सूचना मिलते ही सुध-बुध खो बैठी हैं। तीन बेटों में अब उनका कोई बेटा नहीं रहा। दो बेटे व पति की पहले ही मौत हो चुकी थी। पुखरायां ट्रेन हादसे ने सबसे छोटे बेटे जितेंद्र को भी छीन लिया।

कौन देखेगा कारोबार
लंभुआ। भोपाल में पत्नी, दो बेटे व एक बेटी के साथ रहकर जितेंद्र कुुमार शर्मा फर्नीचर कारोबार करते थे। कारोबार बढ़ने की वजह से उनका अक्सर दूसरे शहरों में भी आना-जाना रहता था। इसी सिलसिले में वे रविवार को लखनऊ आ रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कारोबार के सिलसिले की उनकी यह आखिरी यात्रा है। उनकी पत्नी कंचन सोमवार को यही कहकर दहाड़ मार रही है। 18 वर्षीय बेटी रजनी, 16 वर्षीय पुत्र मोहित व रोहित (10) भी घटना के बाद अपनी सुध-बुध खो दिए हैं। पत्नी कहती है कि अब कौन कारोबार व परिवार को देखेगा।
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