पुलिस की संवेदनहीनता कहें या फिर सिस्टम की खामी। बृहस्पतिवार दोपहर शारदा सहायक नहर में तीन शव उतराते देखे गए। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचना मुनासिब नहीं समझा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शवों में दो शव पुरुष के थे और एक महिला का था।
मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के कस्बे के पास से होकर गुजरी शारदा सहायक नहर में बृहस्पतिवार की दोपहर तीन शव पानी में उतराते देखे गए। देखते ही देखते वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने मोबाइल फोन से मुसाफिरखाना कोतवाली की पुलिस और पुलिस कंट्रोल रूम को शव की सूचना दी।
बावजूद इसके घंटों तक पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचना मुनासिब नहीं समझा। लोगों के मुताबिक दो-तीन सिपाही भी रास्ते से गुजरे लेकिन रुकना उचित नहीं समझा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक शव महिला का था, जबकि दो पुरुष के थे। तीनों शव तीन-चार दिन पुराने लग रहे थे।
सीओ मुसाफिरखाना सिद्धार्थ तोमर ने बताया कि नहर में तीन शव देखे जाने की सूचना मिली थी। फैजाबाद आया हूं। पुलिस को घटना स्थल पर भेजा है। कोतवाल शिवमुनि यादव ने बताया कि वे छुट्टी पर हैं। उन्हें इस तरह की कोई सूचना नहीं मिली है। सवाल उठना लाजिमी है कि यदि कोतवाल छुट्टी पर हैं तो सीयूजी नंबर उनके पास क्या कर रहा है।