सुल्तानपुर। ठेकेदारों के बहिष्कार के दौरान गुरुवार को पीडब्ल्यूडी के एक लिपिक ने 20 करोड़ रुपये के टेंडर के फॉर्म चोरी से बेच दिए। शाम को इसकी भनक लगने पर ठेकेदारों ने बवाल शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही ठेकेदार संघ के पदाधिकारी अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पहुंच गए। ठेकेदारों ने एसई से लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अधीक्षण अभियंता कार्यालय में गुुरुवार शाम पहुंचे ठेकेदारों ने प्रांतीय खंड के एक लिपिक पर 20 करोड़ रुपये से बनने वाली करीब 30 सड़कों का टेंडर फॉर्म चुपके से बेचने का आरोप लगाया है। आरोप है कि गुरुवार शाम फैजाबाद के मुख्य अभियंता कार्यालय से लौटते समय प्रांतीय खंड के लिपिक ने सत्तापक्ष से जुडे़ कुछ ठेकेदारों से सांठगांठ करके रास्ते में 20 करोड़ रुपये के टेंडर के फार्म बेच दिए। टेंडर फॉर्म गुरुवार को उस दौरान बेचे गए जब ठेकेदारों का बहिष्कार चल रहा है।
एसई को ठेकेदारों ने बताया कि शाम तक प्रांतीय खंड, अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता कार्यालय में एक भी टेंडर इन सड़कों से संबंधित नहीं बिका था। ठेकेदारों ने लिपिक को निलंबित करने की मांग की है। अधीक्षण अभियंता से मिलने वाले ठेकेदारों में जगन्नाथ यादव, सलाउद्दीन हाशमी, कृष्णानंद, संदीप, शकील अहमद, समीर अहमद, सर्वेश आदि शामिल रहे। देर शाम तक ठेकेदार कार्रवाई की मांग को लेकर एसई से पास डटे रहे।