तीन तलाक पर चल रही बहस-मुबाहिसों के बीच गोसाईगंज थाने के गालिब शहीद गांव में विवाहिता को फोन पर तीन तलाक बोलकर घर से निकालने का मामला प्रकाश में आया है। अपने बेटे के साथ न्याय के लिए भटक रही विवाहिता रविवार को एसपी ऑफिस पहुंच गई। दोपहर तक किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं होने पर वह निराश होकर वापस लौट गई। महिला के पहले पति ने भी उसे छोड़ दिया था। कोर्ट में चले मुकदमे के बाद उसे गुजारा भत्ता देने का आदेश हुआ था, जो उसे दूसरा निकाह करने तक नहीं मिल सका था।
बल्दीराय थाने के नंदौली गांव निवासिनी तहसीन बानो का निकाह 12 वर्ष पूर्व कुड़वार थाना क्षेत्र के धरावां गांव निवासी मो. हसीब के साथ हुआ था। मो. हसीब सेे उसे एक बेटा आरिश है जिसकी उम्र 11 वर्ष है। शादी के कुछ साल बाद पति हसीब ने तहसीन बानो को बेटे के साथ छोड़ दिया था। तब तहसीन बानो ने न्याय के लिए कोर्ट की शरण ली थी। अदालत ने तहसीन बानो को प्रति माह छह हजार रुपये गुजारा भत्ता की धनराशि पति हसीब से दिलाए जाने का आदेश दिया था।
इस बीच तहसीन बानो का दूसरा निकाह 28 अक्तूबर 2014 को गोसाईगंज थाना क्षेत्र के गालिब शहीद निवासी जाकिर अली के साथ हो गया। जाकिर अली सऊदी अरब में नौकरी करता है। कुछ दिनों तक जिंदगी पटरी पर चलती रही लेकिन बाद में फिर तहसीन बानो की तकदीर रूठने लगी। आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर ससुरालीजनों ने तहसीन बानो की प्रताड़ना शुरू कर दी। तहसीन बानो का कहना है कि करीब 15 दिन पूर्व पति जाकिर अली सऊदी अरब से घर आया था। घर आने पर जाकिर अली की मिलीभगत से अन्य ससुरालीजनों ने तहसीन बानो को मारपीट कर घर से निकाल दिया।
घर से निकाले जाने के बाद पीड़िता ने गोसाईगंज थाने में तहरीर दी और फिर शहर में किराए पर कमरा लेकर रहने लगी। महिला का आरोप है कि इसी बीच पति जाकिर अली ने उसे फोन पर तलाक दे दिया। रविवार को तहसीन बानो पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में सीओ जयसिंहपुर धर्मेंद्र सचान से मिलने पहुंची। सीओ के नहीं मिलने पर पीड़िता का धैर्य जवाब दे गया। पीड़िता कार्यालय के समक्ष ही लेट गई। उस समय परिसर में मौजूद कुछ पुलिस कर्मियों ने उसे समझा-बुझाकर वापस भेजा।