रायबरेली के बछरावां थानान्तर्गत चिरौता चौराहे के पास नौ माह पूर्व चीनी लदे ट्रक की लूट में शामिल एक आरोपी का शव बुधवार देर शाम पीपरपुर थाने के रामगंज रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे परिवारीजनों ने बछरावां पुलिस पर दबिश देकर प्रौढ़ को घर से उठा ले जाने और हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस इससे इंकार कर रही है।
10 फरवरी 2015 को रायबरेली जिले के बछरावां थानान्तर्गत चिरौता चौराहे के पास से एक चीनी लदे ट्रक की लूट हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू की। छानबीन में छह आरोपियों के नाम प्रकाश में आए, जिनमें एक गौरीगंज कस्बे का रहने वाला चंद्र प्रकाश अग्रहरि (50) था। जिन छह आरोपियों के नाम प्रकाश में आए थे, उनमें से पुलिस अब तक जहां तीन लोगों को जेल भेज चुकी हैं, वहीं अन्य तीन पर रायबरेली एसपी की ओर से ढाई-ढाई हजार का इनाम घोषित है।
इसी मामले में चंद्रप्रकाश की गिरफ्तारी के लिए बछरावां थाने की चौकी छुलेहटी के प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में चार सिपाहियों की एक टीम तीन नवंबर की शाम गौरीगंज आई थी। रात होने पर टीम ने हलका सिपाही शिवकुमार व इरफाज की मदद से चंद्रप्रकाश के घर दबिश दी। बछरावां एसओ एसपी उपाध्याय व टीम के साथ गए गौरीगंज थाने के दोनों सिपाहियों की मानें तो दबिश के दौरान चंद्रप्रकाश घर पर नहीं मिला।
मामले में नया मोड़ तब आ गया, जब चार नवंबर की शाम करीब सात बजे एसओ पीपरपुर जगदीश यादव ने चंद्रप्रकाश के घर फोन कर यह बताया कि रामगंज रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है, जिसकी जेब में यह नंबर मिला था। सूचना पर पहुंचे परिवारीजनों ने शव की शिनाख्त चंद्रप्रकाश के रूप में की। चंद्रप्रकाश का शव देखते ही परिवारीजनों ने बछरावां पुलिस पर उसे घर से उठा ले जाने और हत्या करने के बाद शव को रामगंज रेलवे स्टेशन पर फेंकने का आरोप लगाया।