खानापुर गांव की महिला प्रधान की जीप से कुचलकर हत्या के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से गुस्साए ग्रामीण मंगलवार को एक बार फिर सड़क पर उतर आए। आक्रोशित ग्रामीणों ने इलाहाबाद-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बीकापुर गांव के पास शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों की मांग थी कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के खानापुर (बीकापुर) की प्रधान सीता देवी (42) पत्नी जगदेव बीते सोमवार की शाम करीब पांच बजे बेटी श्यामा देवी (17) के साथ खेत देखकर वापस घर लौट रही थीं। गांव के बाहर इलाहाबाद-फैजाबाद मार्ग पर स्थित दुर्गापुर के पास तेज रफ्तार काली रंग की बोलेरो जीप मां-बेटी को सड़क किनारे रौंदते हुए फरार हो गई थी। पुलिस ने प्रधान के पति जगदेव की तहरीर पर पूर्व प्रधान चंद्र प्रकाश मिश्र, श्रीकांत मिश्र (पिता-पुत्र), राम मिलन कोरी और अविनाश सिंह यादव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था। दुर्घटना में घायल बेटी श्यामा देवी को जिला अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया था।
मंगलवार को प्रधान के शव के पोस्टमॉर्टम के बाद लोग फिर आक्रोशित हो गए। शाम को महिला प्रधान के शव को बीकापुर गांव के बाहर स्थित हाईवे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत गया लेकिन पुलिस ने अभी तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। हाईवे जाम होने की सूचना के बाद पहुंचे पुलिस कर्मियों ने लोगों को काफी समझाया-बुझाया लेकिन वे गिरफ्तारी के अलावा कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे।
करीब दो घंटे बाद पहुंचे एसडीएम अमेठी सुभाष प्रजापति व सीओ आरके चतुर्वेदी ने 12 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। एसडीएम ने घायल ग्राम प्रधान की पुत्री श्यामा देवी के उपचार में खर्च होने वाली राशि को वहन करने की बात कही।
छह बच्चों के सिर से उठा मां का साया
भादर। खानापुर गांव की प्रधान सीता देवी की मौत से छह बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा-हमेशा के लिए उठ गया। सीता देवी के परिवार में बेटी रेशमा, नीशू, ललिता, श्यामा और बेटा परम व धरम हैं। दो बेटी रेशमा और नीशू की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बच्चों की शादी बाकी है।
पूर्व प्रधान से थी रंजिश, दी गई थी धमकी
भादर। चंद्र प्रकाश मिश्र की पत्नी पूर्व में खानापुर गांव की प्रधान थीं। इस बार यह ग्राम पंचायत दलित महिला के लिए आरक्षित हो गई थी। सीट आरक्षित होने की वजह से पूर्व प्रधान के पति चंद्र प्रकाश ने गांव के ही सुरेश की पत्नी नीलम को चुनाव लड़ाया था। नीलम के सामने जगदेव की पत्नी सीता देवी चुनाव मैदान में थीं। चुनाव में सीता देवी विजयी हुई थीं। उन्होंने सुरेश की पत्नी नीलम को पांच वोट से हरा दिया था। जगदेव के मुताबिक इसे लेकर चंद्रप्रकाश उससे रंजिश रखता था। उसने शपथ ग्रहण के दिन धमकी भी दी थी।