बोरी बनाने की एक कंपनी में बुधवार को पेड़ की छटाई के दौरान करंट लगने से हुई मजदूर की मौत ने बृहस्पतिवार को तूल पकड़ लिया। ग्रामीणों ने कंपनी के गेट पर मजदूर का शव रखकर पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये सहायता के साथ ही एक व्यक्ति को नौकरी देने की मांग की। कंपनी के प्रबंधक ने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का भरोसा दिया तब जाकर लोग शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। करीब तीन घंटे तक कंपनी के गेट पर हुए प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में पुलिस भी तैनात रही।
कमरौली थाना क्षेत्र के कमरौली गांव निवासी नाथूराम (50) ओद्यौगिक क्षेत्र में स्थित एक बोरी बनाने की कंपनी में मजदूरी करता था। बीते बुधवार की सुबह वह कंपनी में पेड़ की छंटाई का काम कर रहा था तभी उसे करंट लग गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई पलटूराम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। बृहस्पतिवार को पोस्टमॉर्टम होने के बाद जब शव घर पहुंचा तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
ग्रामीण मृत मजदूर के बच्चों व परिवारीजनों के साथ ही शव लेकर कंपनी पहुंच गए। कंपनी के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद के साथ ही एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए। प्रदर्शन के बीच ही कंपनी के प्रबंधक एसबी सिंह पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि लेबर एक्ट के तहत मिलने वाली सुविधा भी पीड़ित परिवार को मुहैया कराई जाएगी। प्रबंधक ने पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये शव का अंतिम संस्कार करने के लिए नकद दिया। प्रबंधक के आश्वासन से संतुष्ट परिवारीजन शव का अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन से अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस भी तैनात रही।