डीएम ने ग्राम पंचायत के सभी प्रकार के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों के संपादन के लिए ग्राम पंचायत सदस्यों की तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। प्रकरण की अंतिम जांच लोक निर्माण विभाग को सौंपते हुए एक माह में रिपोर्ट मांगी है।
स्थालीय ब्लॉक की ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर निवासी शेषराज उपाध्याय ने ग्राम प्रधान की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों में धांधली और शासकीय धन के गबन की शिकायत ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक कई बार की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उसके बाद शिकायतकर्ता ने 18 फरवरी वर्ष 2014 को उच्च न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया। उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने जिला सेवा योजन अधिकारी, सहायक जिला पंचायतराज अधिकारी और सहायक अभियंता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की टीम गठित कर प्रकरण की जांच का जिम्मा सौंप दिया।
टीम की ओर से की गई जांच में सभी शिकायतें सत्य पाई गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने ग्राम प्रधान सुनीता को शासकीय धन के दुरुपयोग व दायित्व के निर्वहन में चूक बरतने का उत्तरदायी ठहराते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
डीएम ने ग्राम पंचायत के सभी प्रकार के वित्तीय और शासकीय कार्यों के संपादन के लिए ग्राम पंचायत की निर्वाचित सदस्य बड़का, रामशंकर और मिथिलेश की तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।