जिला महिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती एक प्रसूता और उसकी नवजात बेटी पर सोमवार की देर शाम छत का प्लास्टर टूटकर गिर पड़ा। प्लास्टर से प्रसूता और उसकी सास घायल हो गईं जबकि नवजात बच्ची बाल-बाल बच गई। छत का प्लास्टर गिरने से वार्ड में भगदड़ मच गई। सूचना के बावजूद सीएमएस वार्ड की स्थिति तक देखने नहीं पहुंची।
धम्मौर थाना क्षेत्र के लौहर पूरब गांव निवासी बाबूराम प्रजापति की पत्नी ऊर्मिला गर्भवती थी। सोमवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर परिवारीजन उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे थे। दोपहर ऊर्मिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद चिकित्सक ने ऊर्मिला को अस्पताल के जनरल वार्ड में बेड संख्या 12 भर्ती कर लिया। मां और उसकी नवजात बेटी बेड पर लेटे थे।
देर शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक जनरल वार्ड की छत का प्लास्टर टूटकर बेड पर गिर पड़ा। प्लास्टर के टुकड़े से ऊर्मिला और पास बैठी उसकी सास सीतापति घायल हो गई, जबकि बच्ची बाल-बाल बच गई। प्लास्टर गिरने से जनरल वार्ड में भर्ती अन्य महिलाओं में भगदड़ मच गई। जनरल वार्ड में छत में जहां भी दरारें पड़ी हैं उसके नीचे रखे बेड को तीमारदारों ने हटा दिया है। सूचना देने के बाद भी सीएमएस डॉ. ऊर्मिला चौधरी वार्ड का निरीक्षण करने नहीं पहुंची।
उधर सीएमओ डॉ.केबी सिंह ने बताया कि जनरल वार्ड में छत का प्लास्टर टूटकर गिरना गंभीर मामला है। वे खुद वार्ड की जांच कर उसे अन्यत्र शिफ्ट कराएंगे।