चांदा के कोइरीपुर में रंगदारी देने से इंकार करने पर बदमाशों द्वारा मारी गई गोली से घायल पवन की जान बच सकती थी लेकिन ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में चिकित्सकों की हड़ताल से उसका इलाज समय से शुरू नहीं हो सका। परिवारीजन जहां-तहां भटकते रहे और उसकी मौत हो गई। उसकी मां एक प्राइवेट अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
चांदा कोतवाली क्षेत्र के टाउन एरिया कोइरीपुर के हनुमान नगर मोहल्ले में व्यवसायी मदनलाल से बीते मंगलवार को बदमाशों ने रंगदारी मांगी थी। रंगदारी देने से इंकार करने पर बदमाशों ने मदनलाल के बेटे श्रवण, पवन और पत्नी श्यामा देवी को गोली मार दी थी। गोली लगने से श्रवण की मौत हो गई थी, जबकि जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने पवन और श्यामा देवी को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया था।
आनन-फानन में परिवारीजन पवन और श्यामा देवी को लेकर ट्रॉमा सेंटर लखनऊ पहुंचे, लेकिन उन्हें मालूम नहीं था कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। परिवारीजन चिकित्सकों के सामने दोनों के इलाज के लिए मिन्नतें करते रहे, लेकिन धरती के भगवान का दिल नहीं पसीजा।
थक-हारकर परिवारीजन दोनों को लेकर एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने पवन को मृत घोषित कर दिया जबकि श्यामा देवी आज भी जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं।
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