दो दिन के अवकाश के बाद भी सोमवार को कैश न मिलने से नाराज खाताधारकों ने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की ढेमा शाखा पर ताला लगा दिया। आक्रोशित खाताधारकों ने शाखा के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। ताला बंद होने से बैंक कर्मी करीब तीन घंटे तक शाखा के अंदर ही कैद रहे। बैंक की सूचना पर पहुंची मोतिगरपुर पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद खाताधारकों का गुस्सा शांत हुआ।
दो दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुले तो खाताधारकों की भीड़ बैंक शाखा पर भुगतान के लिए उमड़ पड़ी। सोमवार की सुबह से ही क्षेत्र के बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा पर धन निकासी के लिए खाताधारकों की लंबी कतार लगी रही। करीब 11.30 बजे बैंक अधिकारियों ने कैश न होने की बात कहकर खाताधारकों को वापस जाने को कहा। इस पर खाताधारकों का धैर्य जवाब दे गया। नाराज खाताधारकों ने शाखा गेट के सामने बवाल शुरू कर दिया। खाताधारकों ने मेन गेट पर ताला लगा दिया। इस दौरान बैंक अधिकारियों पर चहेतों को भुगतान देने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शन के दौरान अन्य स्थानीय कस्बे के लोग भी शाखा के पास जमा हो गए। बैंक के शाखा कर्मी खाताधारकों से ताला खोलने का अनुरोध करते रहे, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। करीब तीन बजे तक बैंक शाखा में ताला बंद कर खाताधारक बाहर बैठे रहे। बैंक कर्मियों ने घटना की जानकारी मोतिगरपुर थाने की पुलिस को दी। सूचना पर उप निरीक्षक शशिकांत पटेल बैंक शाखा पर पहुंचे। आक्रोशित खाताधारकों ने उन्हें घेर लिया और बैंक कर्मियों पर चहेतों को भुगतान देने का आरोप लगाया। पुलिस ने बैंक कर्मियों से वार्ता की। मंगलवार को भुगतान देने का आश्वासन दिया गया।
तब कहीं जाकर खाताधारकों का रोष शांत हुआ। प्रभारी निरीक्षक मोतिगरपुर अलोपी प्रसाद ने बताया कि बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन व तालाबंदी की जानकारी दी थी। पुलिस भेजकर मामले को शांत करवा दिया गया है।