निषाद समुदाय ने बुधवार को महारानी पश्चिम रेलवे स्टेशन पर रेल रोककर प्रदर्शन किया। रेलमार्ग जाम कर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन से बेगमपुरा सुपर फास्ट ट्रेन को आठ मिनट बिना स्टॉपेज के रोकना पड़ा। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने स्थिति संभालने की कोशिश करते हुए प्रदर्शनकारियों को रेलमार्ग से हटवा कर यातायात बहाल करा दिया लेकिन प्रदर्शन चलता रहा। बाद में एसडीएम लंभुआ के पहुंचने पर प्रदर्शन खत्म हुआ।
निषाद समुदाय के अखिलेश निषाद की बरसी पर उन्हें शहीद बताते हुए निर्बल इंडियन शोषित हमारा आमदल के लोगों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर महारानी पश्चिम रेेलवे स्टेशन पर रेलमार्ग जाम कर दिया। इस दौरान बेगमपुरा सुपर फास्ट ट्रेन के आने की खबर लगते ही प्रदर्शनकारी रेल की पटरियों पर लेट गए। यह नजारा देख रेल कर्मियों में हड़कंप मच गया। भीड़ के प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे विभाग को ट्रेन स्टेशन के पहले ही बिना स्टॉपेज के रोकनी पड़ी। बेगमपुरा ट्रेन रोके जाने की सूचना लगते ही चांदा थानाध्यक्ष अनिल सोनकर मयफोर्स मौके पर पहुंच गए।
उनके काफी समझाने-बुझाने पर प्रदर्शनकारी रेल मार्ग को छोड़ने को तैयार हो गए लेकिन प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारी एसडीएम को बुुलाने पर अड़े रहे। उनका कहना था कि शासन के आदेश के बाद भी निषाद समुदाय समेत अन्य कई पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं जारी किया जा रहा है। पुलिस की सूचना पर एसडीएम लंभुआ सलिल पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन लेते हुए उनके 11 सूत्री मांग पत्र पर कार्यवाही का भरोसा दिलाया। एसडीएम के समझाने व ज्ञापन लेेने के बाद लोग रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन बंद किया। रेलमार्ग रोके जाने से बेगमपुरा सुपर फास्ट ट्रेन करीब आठ मिनट लेट से रवाना हुई। प्रदर्शनकारियों में राजेश कुमार निषाद समेत बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष शामिल रहे।