खानापुर गांव की दलित महिला प्रधान और उसकी बेटी की मौत के मामले में दर्ज गैर इरादतन हत्या को पुलिस ने तीसरे दिन हत्या की धारा में तरमीम कर दिया। इसके साथ ही केस में एससीएसटी की धारा की बढोतरी की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शवों का अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़ा पीड़ित परिवार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर आखिरकार बृहस्पतिवार को इसके लिए तैयार हुआ। गमगीन माहौल में परिवारजनों ने दोपहर बाद मां-बेटी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के खानापुर (बीकापुर) की प्रधान सीता देवी (42) पत्नी जगदेव बीते सोमवार की शाम करीब पांच बजे बेटी श्यामा देवी (17) के साथ घर लौट रही थीं। गांव के बाहर काली रंग की बोलेरो जीप मां-बेटी को सड़क किनारे रौंदते हुए फरार हो गई थी। जीप के कुचलने से प्रधान की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि उनकी बेटी श्यामा देवी की मंगलवार देर रात ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने प्रधान के पति जगदेव की तहरीर पर पूर्व प्रधान चंद्र प्रकाश मिश्र, श्रीकांत मिश्र (पिता-पुत्र), राम मिलन कोरी और अविनाश सिंह यादव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था।
श्यामा देवी का शव बुधवार की सुबह गांव लाया गया। तब तक पीड़ित परिवार ने सीता देवी के शव का भी अंतिम संस्कार नहीं किया था। पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा था। परिवार के लोगों का कहना था कि गिरफ्तारी होने के बाद ही वे शव का अंतिम संस्कार करेंगे। काफी जद्दोजहद के बीच जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह परिवारीजन शवों के अंतिम संस्कार को तैयार हुए। दोपहर गमगीन माहौल में मां-बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस दौरान खानापुर गांव छावनी में तब्दील रहा। गांव में भारी संख्या में पुलिस तैनात रही। एसओ पीपरपुर जगदीश यादव ने बताया कि पूर्व में दर्ज गैर इरादतन हत्या के मामले को हत्या की धारा में तरमीम कर दिया गया है। साथ ही केस में एससीएसटी की धारा की बढ़ोतरी की गई है।