एक पूर्व फौजी ने मोबाइल पर आए फोन पर भरोसा किया। बैंक एटीएम की डिटेल बताई और शातिरों ने पूर्व फौजी को 90 हजार रुपये का चूना लगा दिया। दो दिन में ये रकम निकाली गई। पेंशन की जानकारी के लिए बैंक आने पर बुधवार को उन्हें रकम निकलने की जानकारी हुई। ठगों के शिकार बने इस पूर्व फौजी ने मामले की जानकारी कोतवाली में दी। अलबत्ता कोतवाली में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
कोट अमोड़ी गांव के पूर्व फौजी रेवाधर भट्ट ने बताया कि 29 सितंबर को मोबाइल नंबर 8084478591 से एक फोन आया, जिसने खुद को एसबीआई नोएडा का अधिकारी बताते हुए बैंक खाते को बंद होने से बचाने के नाम पर एटीएम की डिटेल मांगी। उनके झांसे में आए श्री भट्ट ने एटीएम का ब्यौरा उपलब्ध करा दिया। शातिरों ने दो दिनों में (29 सितंबर को 40 हजार और 30 सितंबर को 50 हजार) 90 हजार रुपये खाते से निकाल लिए। बुधवार को पूर्व फौजी भारतीय स्टेट बैंक में पेंशन की जानकारी लेने पहुंचे, तो उन्हें रकम के निकाले जाने की जानकारी मिली। बैंक अधिकारियों की सलाह पर पूर्व फौजी ने बची हुई 9 हजार की रकम निकाली।
साइबर क्राइम की चपेट में आए पूर्व फौजी ने कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। अलबत्ता मोबाइल नंबर को सर्विलांस में रखा है। दरोगा अनुराग सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है।
दो वर्षों में हो चुकी हैं सात वारदातें
मोबाइल फोन से एटीएम की जानकारी प्राप्त कर रकम निकालने की चंपावत जिले में दो वर्षों में सात घटनाएं हो चुकी हैं। अलबत्ता ये वाकया सबसे अधिक रकम का है। इससे पहले चंपावत के शीत मत्स्यकीय अनुसंधान केंद्र के एक कर्मी से 55 हजार रुपये की रकम सर्वाधिक थी।
बैंक नहीं करता कभी फोन : प्रबंधक
भारतीय स्टेट बैंक की चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक ब्रह्मानंद निगम ने कहा कि कोई भी बैंक ग्राहक से उसके खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी फोन से नहीं लेता है। बैंक ने लोगों को जागरूक करने के लिए एटीएम काउंटर वाले स्थानों पर सावधानी बरतने के नोटिस भी लगाए हैं। साथ ही टॉल-फ्री नंबर और बैंक से संबंधित एसएमएस अलर्ट देखने की अपील भी करता रहा है, ताकि उसके खाते में जमा होने वाले या निकलने वाले धन की जानकारी मिल सके।