नौ वर्षीय बालक का अपहरण कर हत्या करने और सुबूत मिटाने के लिए लाश गेहूं के खेत में छिपाने के मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे चतुर्थ अजय कुमार त्रिपाठी ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
अमेठी के जगदीशपुर थानान्तर्गत उत्तरगांव निवासी रणविजय सिंह का नौ वर्षीय पुत्र दुर्गेश उर्फ कप्तान 10 अप्रैल 2009 को घर के बाहर खेल रहा था। शाम को गांव का ही तेजभान सिंह उर्फ गुड्डू एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के साथ वहां पहुंचा दुर्गेश का अपहरण कर लिया। दूसरे दिन रायबरेली में मोहनगंज थानान्तर्गत ग्राम वैशन का पुरवा मौजा मिर्जागढ़ निवासी बजरंग सिंह के गेहूं के खेत में दुर्गेश की लाश मिली। आरोप है कि अभियुक्त तेजभान ने एक अन्य आरोपी ने मिलकर दुर्गेश की हत्या की।
सुबूत मिटाने के लिए लाश गेहूं के खेत में छिपा दी। जगदीशपुर थाने में रणविजय की तहरीर पर पुलिस ने तेजभान व एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने तेजभान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सरकारी वकील रमेशचंद्र सिंह ने घटना को साबित करने के लिए नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। एडीजे चतुर्थ ने दोनों पक्षों की बहस व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बृहस्पतिवार को अभियुक्त तेजभान सिंह को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने अभियुक्त को उम्रकैद व 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित कर जेल भेजने का आदेश दिया।