इलाहाबाद बैंक की तवक्कलपुर नगरा शाखा में 70 लाख रुपये का ऋण लेकर फर्जीवाड़ा किया गया है। 17 ऐसे मामले फर्जी पाए गए हैं जिनके फोटो बदलकर जालसाजों ने किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर ऋण लेकर बैंक को चूना लगाया है।
बैंक ने प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए बैंक के तत्कालीन दो शाखा प्रबंधकों को निलंबित कर दिया है। जालसाजों ने ये पूरा खेल फील्ड अफसर की मिलीभगत से किया है। फील्ड अफसर को भी नोटिस दी गई है।
इलाहाबाद बैंक की सूरापुर में स्थित टीपी नगरा शाखा में छह अगस्त 2012 से 25 जनवरी 2014 के बीच में बैंक की ओर से किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर लोगों को ऋण दिया गया था। बैंक को जब ऋण का ब्याज नहीं मिला तो इसकी जांच शुरू हुई।
बैंक की जांच में पाया गया कि जिस समय ऋण देकर फर्जीवाड़ा हुआ है उस दौरान टीपी नगरा के तत्कालीन बैंक प्रबंधक दूधनाथ त्यागी छह अगस्त से लेकर 16 मार्च 2013 तक कार्यरत थे। दूधनाथ त्यागी के कार्यकाल के दौरान आठ मामले ऋण के फर्जी पाए गए हैं।
जबकि 11 मार्च 2013 से 25 जनवरी 2014 तक बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रहे सुभाष कुमार के कार्यकाल में नौ मामले फर्जी ऋण के पाए गए हैं। बैंक की तरफ से कराई गई जांच में पाया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए जो 17 मामले ऋण के फर्जी हैं उन सभी के वोटर आईडी में किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगी है।
इसकी जानकारी बैंक को तब हुई जब स्थलीय जांच कराई गई। जिन लोगों का वोटर आईडी कार्ड था उन्होंने ऋण लेने और अपनी जमीन को बैंक में बंधक बनाए जाने से इंकार कर दिया। इलाहाबाद बैंक की ओर से टीपी नगरा शाखा के तत्कालीन बैंक के प्रबंधक रहे दूधनाथ त्यागी और सुभाष कुमार को 23 मई 2016 को निलंबित कर दिया गया है।
बैंक ने टीपी नगरा शाखा के तत्कालीन फील्ड अफसर को नोटिस दिया है। जिन 17 लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर 70 लाख रुपये का ऋण बैंक से लिया है उन सभी लोगों के वोटर आईडी को कादीपुर तहसील में एक कंप्यूटर की दुकान पर स्कैन किया गया है।
फर्जीवाड़े गिरोह में बैंक के फील्ड अफसर से लेकर ऋण लेने वाले का परिचय करने वाले रमाशंकर और महेंद्र तिवारी का जो निवास स्थान दिखाया गया है, वास्तव में दोनों उस स्थान के रहने वाले ही नहीं है।
इलाहाबाद बैंक के टीपी नगर शाखा के तत्कालीन प्रबंधक रहे दूधनाथ त्यागी ने बताया कि उनके कार्यकाल में कुल सात मामले फर्जी ऋण के मिले हैं। जिन लोगों का ऋण स्वीकृत किया गया था। उनकी स्थलीय जांच फील्ड अफसर अप्रतिम श्रीवास्तव ने की थी।
बैंक में जो दस्तावेज लगाए गए थे उसकी भी जांच फील्ड अफसर ने की थी। कहा कि बिना फील्ड अफसर के मिलीभगत से फर्जीवाड़ा नहीं हो सकता।
इलाहाबाद बैंक की टीपी नगरा शाखा में जिन 17 लोगों के नाम पर 70 लाख रुपये का ऋण लिया गया उनके वोटर आईडी पर दूसरे व्यक्ति की फोटो चस्पा है। इन लोगों में छोटई उर्फ छोटेलाल पुत्र लेखई दो लाख 87 हजार का ऋण, गंगादीन पुत्र रामदास तीन लाख 10 हजार शामिल हैं।
वहीं रामदौर पुत्र चौथी चार लाख 25 हजार, नंदू पुत्र बिरजू तीन लाख, हरिराम पुत्र बुद्धिराम तीन लाख, फौजदार पुत्र राम कुमार चार लाख 36 हजार, रजई पुत्र ओरी दो लाख 70 हजार निवासी सभी पहाड़पुर वैश्य थाना दोस्तपुर, राम सिंगार पुत्र जोखू दो लाख 73 हजार मेवपुर बरचौली थाना करौंदीकलां समेत 17 लोग शामिल हैं।
बानगी के तौर पर फौजदार पुत्र राम कुमार निवासी पहाड़पुर वैश्य थाना दोस्तपुर के नाम पर स्वीकृत ऋण पर जो वोटर आईडी लगी है उस पर चंद्रभान पुत्र स्व. भुलई निवासी कटघरा चिरानेपट्टी की फोटो लगी है।
ऐसे ही रजई पुत्र ओरी निवासी पहाड़पुर वैश्य की वोटर आईडी पर हरिकेश पुत्र भुलई निवासी कटघरा चिरानेपट्टी की फोटो लगी है। अमूमन सभी 17 मामलों में जिन्होंने फोटो की पहचान की हैं वे रमाशंकर और महेंद्र तिवारी हैं।
इलाहाबाद बैंक के जोनल कार्यालय के अधिकारी शीतकुमार ने फर्जी ऋण मामले में दो शाखा प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि की। कहा कि बैंक की ओर से प्रकरण की जांच कराई गई थी।
इलाहाबाद बैंक के टीपी नगरा शाखा के तत्कालीन प्रबंधक रहे सुभाष कुमार के मुताबिक पूरे खेल में फील्ड अफसर की संलिप्तता है। जिन लोगों को ऋण दिया गया उन लोगों का बचत खाता भी फील्ड अफसर ने खोला था।