हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के जाली अंकपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले पांच शिक्षकों को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। पांचों के विरुद्घ संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। प्रदेश स्तर पर अगस्त 2016 में 16 हजार 448 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया आयोजित हुई थी।
इसमें रामबाबू को बल्दीराय विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर, नेहा को लंभुआ विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भगौतीपुर, सोनपाल को बल्दीराय विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मिझूठी, अमित कुमार को दोस्तपुर विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बौरा जगदीशपुर एवं मीना यादव को मोतिगरपुर विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय डंड़वाकलां में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति मिली थी।
पांचों अभ्यर्थियों ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट का उत्तीर्ण प्रमाणपत्र मध्य प्रदेश राज्य मुक्त (ओपन) स्कूल शिक्षा परिषद भोपाल का लगाया था। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन भी प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर हो गया था।
वेतन आदेश के लिए कराए गए सत्यापन में शिक्षकों के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र जाली पाए गए। बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि पांचों शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से बर्खास्त कर दिया गया है।
वेतन आदेश कराने के लिए फर्जी सत्यापन भेजवाने एवं विभाग को गुमराह करने के आरोप में पांचों शिक्षकों के विरुद्ध संबंधित थानों में प्राथमिक दर्ज कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि बर्खास्तगी आदेश के विरुद्ध यदि आरोपियों को आपत्ति हो तो वे बेसिक शिक्षा परिषद सचिव कार्यालय में अपना पक्ष रख सकते हैं।
एक ही जनपद के हैं पांचों अभ्यर्थी
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में जाली दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वाले पांचों शिक्षक एक ही जनपद के हैं। रामबाबू, नेहा, सोनपाल, अमित कुमार एवं मीना यादव कौशांबी जनपद के चायल तहसील क्षेत्र के निवासी हैं।
फर्जी अंकपत्र का मामला पकड़ में आने के बाद कौशांबी जनपद के अन्य अभ्यर्थियों के भी प्रमाणपत्रों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि पांचों शिक्षकों के विरुद्ध उनके नियुक्ति वाले थाना क्षेत्रों में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को दिया गया है।