वनरोज से फसल को बचाने के लिए खेत में लगाए गए करंट की चपेट में आने से एक की जान चली गई। मृत किसान अपनी मां को खेत में पानी देने जा रहा था। पुलिस ने मृतक के बेटे की तहरीर पर करंट दौड़ाने वाले किसान के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। मामला स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के खुनशेखपुर गांव से जुड़ा है।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के खुनशेखपुर गांव निवासी छोटेलाल पाल (45) खेती के अलावा भेड़ बकरी पालकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। छोटेलाल की 75 वर्षीय मां कर्मा देवी बेटे के इस काम में हाथ बंटाती थी। रोजाना की तरह रविवार की रात को भी छोटेलाल ने गांव के ही एक किसान के खेत मे भेड़ों को बैठा रखा था। भेड़ों की रखवाली उसकी मां कर्मा देवी कर रही थीं।
रात में वह अपनी मां के लिए पानी लेकर घर से निकला था। जैसे ही वह गांव के नरसिंह बहादुर सिंह के खेत के पास पहुंचा तभी खेत के चारों तरफ लगाए गए तार की चपेट में आ गया। तार में करंट प्रवाहित होने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देर रात तक छोटेलाल वापस घर नहीं पहुंचा तो उसकी पत्नी ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन उसका कहीं भी पता नहीं चला।
सोमवार की सुबह खेत गए लोगों को छोटेलाल का शव बिजली के तार में चिपका दिखा तो इसकी सूचना परिवार वालों को दी। सूचना पाते ही परिवारीजन खेत के पास पहुंच गए। ग्रामीणों की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। लंभुआ कोतवाल सुरेश पांडेय ने बताया कि मृत किसान के बेटे राहुल पाल की तहरीर पर नरसिंह बहादुर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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