माधवपुर छतौना में वर्ष 2007-08 में करीब 20 लाख की लागत से बना सरस हाट उपेक्षा का शिकार हो गया है। यहां अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है। सरस हाट बनने से लेकर आज तक किसानों के अनाज की खरीद-फरोख्त नहीं हो सकी है। मजबूरन किसानों को अपना अनाज बेचने के लिए 15 किलोमीटर दूर अमहट मंडी ले जाना पड़ रहा है।
माधवपुर छतौना ग्राम पंचायत में वर्ष 2007-08 में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से सरस हाट का निर्माण कराया गया था। शासन-प्रशासन की मंशा थी कि सरस हाट का निर्माण होने से आसपास के किसानों को इसका लाभ मिलेगा। लाखों रुपये की लागत से निर्मित सरस हाट निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है। इसके संचालन के लिए न ग्राम पंचायत स्तर से कुछ हो रहा है और न ही प्रशासन इसकी सुधि ले रहा है।
मजबूरन किसानों को अपना अनाज 15 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय स्थित अमहट मंडी ले जाना पड़ता है। कुछ किसान बिचौलियों को औने-पौने दाम पर अपना अनाज बेच देते हैं। सरस हाट के चारों तरफ झाड़-झंखाड़ उग आई है। सरस हाट में दिन में मवेशियों और रात में अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है। क्षेत्रीय किसानों ने जिला प्रशासन से सरस हाट को चालू करवाए जाने की मांग की है।