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जिला प्रोबेशन अधिकारी पर घूसखोरी का आरोप

Thu, 11 Feb 2016 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
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अमेठी में तैनात जिला प्रोबेशन अधिकारी रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। पहले उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई राजकीय महिला कल्याण योजना की चयनित लाभार्थी से घूस मांगी और शिकायत करने पर पूरे परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दी। परेशान परिवार की शिकायत पर विभागीय जांच में मामला प्रथम दृष्टया सही पाया गया। आरोप सही मिलने के बाद विभाग ने डीपीओ के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज कराने के साथ ही उनके निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के गांव अशरफाबाद निवासी रामकिशोर साहू की पत्नी सुषमा साहू किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। सुषमा का पीजीआई लखनऊ में इलाज चल रहा है। बीते 30 जनवरी को सुषमा का चयन प्रदेश सरकार की रानी लक्ष्मीबाई राजकीय महिला कल्याण योजना के तहत हुआ था। आरोप है कि डीएम जगतराज त्रिपाठी की अध्यक्षता वाली कमेटी का अनुमोदन प्राप्त होने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण यादव ने महिला के पति रामकिशोर को फोन कर सात हजार रुपये रिश्वत मांगी। डीपीओ के लगातार दबाव बनाने के बाद रामकिशोर ने उन्हें धन दे भी दिया। हालांकि बाद में रामकिशोर ने पूरे मामले की शिकायत प्रमुख सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार से की तो हड़कंप मच गया।

 विभागीय दबाव के बाद डीपीओ ने एक महिला व कुछ अन्य लोगों को भेजकर पांच हजार रुपये वापस कराने के साथ ही अपनी शिकायत वापस लेने का दबाव डाला। बात नहीं मानने पर पूरे परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दी। परेशान परिवार ने दोबारा इसकी शिकायत प्रमुख सचिव से की तो बुधवार को विभागीय टीम आरोपों की जांच करने अशरफाबाद पहुंच गई। अफसर पर लगे आरोप टीम की प्राथमिक जांच में सही पाए गए। टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रमुख सचिव के आदेश पर न सिर्फ आरोपी डीपीओ के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी गई है बल्कि उनके निलंबन की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
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आरोप निराधार : डीपीओ
जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण यादव कने सुषमा के परिवारीजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। कहा कि उन्होंने सुषमा के परिवारीजनों से रिश्वत की मांग नहीं की। अपने ऊपर केस दर्ज होने व निलंबित होने की जानकारी से भी उन्होंने इंकार किया।
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