छोटे भाई की पुत्रवधू के नाम एक बीघा जमीन का हिबानामा कराने से नाराज बेटे ने भतीजों के साथ मिलकर बूढ़ी मां की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी। सास को बचाने दौड़ी बहू पर भी हमलावरों ने ताबड़तोड़ प्रहार कर अधमरा कर दिया। गंभीर हालत में उसे सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। डबल मर्डर की सूचना पाते ही एसपी ने पुलिस टीम के साथ घटना स्थल का निरीक्षण कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए आदेश दिया। गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। पुलिस को घटना स्थल पर तैनात किया गया है। पुलिस ने भतीजे की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
जामों थाना क्षेत्र के पूरे सुकाली नदियावां निवासी दयाकुमारी (70) पत्नी स्व. रामलखन दुबे के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा हरिकिशोर है, जबकि छोटा नंदकिशोर। दोनों भाई अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। दयावती अपने छोटे बेटे नंदकिशोर के बेटे रामकुमार दूबे के साथ उसके घर पर रहती थी। दोनों भाइयों में संपत्ति का बंटवारा हो चुका था। दयावती को पति की मौत के बाद 1/3 हिस्सा मिला था। एक माह पूर्व रामकुमार दूबे ने दादी दयाकुमारी से एक बीघा जमीन का हिबानामा अपनी पत्नी अंशू के नाम पर करा लिया था। इसे लेकर रामकुमार का अपने ताऊ हरिकिशोर व सगे भाई विपिन से विवाद चल रहा था।
शुक्रवार की दोपहर बाद करीब एक बजे हरिकिशोर अपने भतीजे विपिन , हरिओम व सुशील शुक्ल के साथ रामकुमार के घर पर पहुंच गया और दरवाजे को लात से मारकर तोड़ दिया। चारों घर में पहुंचे और कमरे में बैठी बुजुर्ग दयाकुमारी को घसीटते हुए बाहर लाए। चारों ने मिलकर दयाकुमारी पर ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी से प्रहार शुरू कर दिया। दयाकुमारी को बचाने दौड़ी अंशू (25) पत्नी रामकुमार पर भी हमलावरों ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। घटना स्थल पर ही दयाकुमारी की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल अंशू को परिवारीजन लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बाबत एसओ बब्बूलाल मिश्र ने बताया कि अंशू के पति रामकुमार ने हरिकिशोर, विपिन, हरिओम और सुशील शुक्ल के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किए जाएगा।