स्टेशन मास्टर ने ट्रेन को इमरजेंसी में रोककर उससे विद्युत इंजन अलग कराया जिसके बाद ट्रेन डीजल इंजन के सहारे गंतव्य के लिए रवाना हुई।
अप डीडीएल मालगाड़ी दोपहर बाद 12:42 पर जैसे ही स्थानीय रेलवे स्टेशन से क्रास हो रही थी कि स्टेशन मास्टर प्रवीण सिंह ने ट्रेन में लगे डीजल इंजन के पीछे जुड़े बिजली चालित इंजन से धुआं उठते देखा।
यह देख स्टेशन मास्टर ने वॉकीटॉकी की मदद से ट्रेन के चालक एके मिश्र से संपर्क कर ट्रेन रोकने को कहा। सूचना मिलते ही चालक ने लोदी बाबा आउटर के पास ट्रेन रोक दी। इसके बाद ट्रेन को बैक कर स्टेशन लाया गया।
प्लेटफॉर्म पर काफी देर तक इंजन में कमी तलाशी गई लेकिन कमी के बारे में कुछ पता नहीं चलने पर चालक ने इस इंजन को ले जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
अधिकारियों से विचार विमर्श के बाद ट्रेन से इलेक्ट्रिक इंजन को अलग कर दिया गया। करीब 3:30 बजे चालक डीजल इंजन के सहारे ट्रेन लेकर गंतव्य के लिए रवाना हो सका।