पयागीपुर में रविवार की रात डकैतों ने व्यापारी नेता और चिकित्सक समेत तीन लोगों के निर्माणाधीन मकानों पर डाका डाला। बदमाश चार मजदूरों को बंधक बनाकर घर के बाहर रखा करीब तीन लाख रुपये कीमत का सरिया और सीमेंट ट्रैक्टर से उठा ले गए। मजदूरों के विरोध करने पर बदमाशों ने उनकी पिटाई भी की। सोमवार की सुबह आस-पास के लोगों ने मजदूरों का हाथ-पैर खोले और पुलिस को सूचित किया। पुलिस के अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण कर पीड़ित मजदूरों से पूछताछ की। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के सिविल लाइन निवासी व्यापारी नेता रवींद्र त्रिपाठी और गोराबारिक निवासी डॉ. विकास मिश्र और अजय जायसवाल पयागीपुर क्षेत्र में मकान बनवा रहे हैं। मकान के निर्माण में लगे कई मजदूर रात में निर्माणाधीन मकान में ही सोते हैं। रविवार की रात करीब एक बजे छह-सात की संख्या में असलहे से लैस बदमाश व्यापारी नेता, डॉक्टर और अजय कुमार जायसवाल के निर्माणाधीन मकान पर पहुंच गए।
बदमाशों ने व्यापारी नेता के मकान पर सो रहे मजदूर सुनील, सुखदेव, रामकेवल और राम कुमार को तमंचे के जोर पर बंधक बना लिया। मजदूरों का हाथ-पैर बांधने के बाद बदमाश निर्माणाधीन मकान के बाहर रखी करीब तीन लाख रुपये कीमत की सरिया और सीमेंट उठाकर ट्रैक्टर पर लाद लिया। मजदूरों ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उनकी पिटाई भी की।
रविवार की सुबह आस-पास के लोग मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे और उन्हें बंधन मुक्त किया। लोगों की सूचना के बाद नगर कोतवाल वीपी सिंह और चौकी इंचार्ज लक्ष्मणपुर प्रवीन सिंह पुलिस टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने पीड़ित मजदूरों से पूछताछ की। पुलिस ने घटना का केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
कहां थे रात्रि ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी
सुल्तानपुर। इलाहाबाद-फैजाबाद और लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पयागीपुर चौराहे के संवेदनशील होने के कारण प्रतिदिन और रात में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। रविवार की रात करीब एक बजे छह-सात की संख्या में बदमाशों ने तीन घरों में डाका डाला। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर पयागीपुर में ड्यूटी पर तैनात सिपाही कहां थे? करीब ढाई घंटे तक बदमाश सरिया और सीमेंट ढोते रहे। इसके बावजूद पुलिस नहीं जागी।