मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के सूरपुर काशीपुर गांव में सोमवार की रात बदमाशों ने कहर बरपाया। बदमाशों ने घर के बरामदे में सो रहे मां-बेटे को लहूलुहान कर मां के जेवरात लूट लिए। शोर-शराबा सुनकर जब तक ग्रामीण पहुंचते बदमाश फरार हो गए। घटना की सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक रात में ही गांव पहुंचे। घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के सूरपुर काशीपुर निवासी राम अहोर (45) पुत्र राजनाथ के दो मकान हैं। एक मकान गांव में है जबकि दूसरा कुछ दूर पर खलिहान के पास स्थित है। सोमवार की रात रामअहोर अपनी मां राजदुलारी (70) के साथ गांव के मकान से खाना खाने के बाद दूसरे मकान पर सोने चले गए। राम अहोर और उनकी मां राजदुलारी मकान के बाहर बरामदे में सो रहे थे। देर रात चार-पांच की संख्या में वहां बदमाश पहुंच गए।
बदमाशों ने राम अहोर को असलहा लगाकर उठा दिया। जब तक राम अहोर कुछ समझते बदमाश उनसे मकान की चाबी मांगने लगे। राम अहोर के विरोध करने पर बदमाश उन पर टूट पड़े। शोर सुनकर जागी राजदुुलारी पर भी बदमाशों ने हमला बोल दिया। बदमाशों ने मां-बेटे को लाठी-डंडों से मारकर लहूलुहान कर दिया। उसके बाद बदमाश राजदुलारी से सोने चांदी के करीब 30 हजार के जेवरात लूट लिए। बदमाशों ने मकान का ताला तोड़कर भीतर रखे बक्सों के ताले भी तोड़कर सामान तितर-बितर कर दिया। इस दौरान उधर से गुजर रहे गांव के ही एक युवक ने राम अहोर की कराह सुनी।
उसने गांव पहुंचकर लोगों को इसकी जानकारी दी। जब तक ग्रामीण राम अहोर के मकान पर पहुंचते बदमाश फरार हो चुके थे। ग्रामीणों ने राम अहोर व राजदुलारी को खून से लथपथ पड़ा देखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कोतवाली मुसाफिरखाना पुलिस को दी। घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी रात में ही घटनास्थल पहुंच गए। पुलिस ने घायलों को स्थानीय सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने दोनों की हालत नाजुक देख उन्हें ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। मां-बेटे की हालत गंभीर होने के कारण इस बात का पता नहीं चल सका है कि बदमाश घर के अंदर रखे बक्सों से क्या ले गए हैं।