फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पति समेत चार को 10 साल कैद

Sun, 28 Jun 2015 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। दहेज हत्या के मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के विशेष अपर सत्र न्यायाधीश सुबेदार यादव ने शनिवार को पति समेत चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों पर 52 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। मामला धम्मौर थाने के अंकारीपुर गांव से जुड़ा है।
विज्ञापन

गांव निवासी राममिलन मौर्य की पुत्री सुनीता की शादी चार जून 2006 को धम्मौर थाने के परवरभार निवासी दरगाही के पुत्र राजबहादुर के साथ हुई थी। आरोप है कि ससुरालीजन दहेज में फ्रिज, कलर टीवी की मांग को लेकर सुनीता को प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालीजनों ने पांच जनवरी 2011 को सुनीता को जहर खिलाकर मार डाला था।

मृतका के भाई प्रदीप कुमार मौर्य की तहरीर पर धम्मौर थाने में आरोपियों पति राजबहादुर, ससुर दरगाही, सास रामपती, जेठ अमरबहादुर व संतबहादुर और जेठानी आशा व केशकुमारी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने सभी सातों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील गोरखनाथ शुक्ल व अधिवक्ता जितेंद्र श्रीवास्तव ने घटना को साबित करने के लिए आठ गवाहों को कोर्ट में पेश किया।
विज्ञापन


न्यायाधीश सूबेदार यादव ने दोनों पक्षों की बहस व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपियों पति राजबहादुर, ससुर दरगाही और जेठ अमरबहादुर व संतबहादुर को दहेज हत्या करने का दोषी करार दिया। कोर्ट ने चारों आरोपियों को 10 वर्ष की कैद व प्रत्येक को 13-13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी सास रामपती और जेठानी आशा व केशकुमारी को बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें