रिश्वतखोरी के मामले में करीब तीन माह पूर्व निलंबित अमेठी के जिला प्रोबेशन अधिकारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शिकायत की प्रथम दृष्टया पुष्टि होने के बाद सस्पेंड हुए डीपीओ पर बृहस्पतिवार को शिवरतनगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
डीपीओ पर यह केस विभागीय प्रमुख सचिव के आदेश पर दर्ज किया गया है। साढ़े तीन माह पहले शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने डीपीओ पर अपनी पत्नी का रानी लक्ष्मीबाई राजकीय महिला कल्याण योजना में चयन कराने के एवज में रिश्वत लेने और शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप के कारण करीब साढ़े तीन माह पूर्व सस्पेंड हुए डीपीओ पर बृहस्पतिवार को शिवरतनगंज थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि डीपीओ ने बीते जनवरी में रानी लक्ष्मीबाई राजकीय महिला कल्याण योजना के तहत चयनित शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के गांव अशरफाबाद की रहने वाली सुषमा साहू के पति रामकिशोर से सात हजार रुपये घूस ली थी।
डीपीओ की ओर से और रिश्वत के लिए दबाव डालने पर रामकिशोर ने पूरे मामले की शिकायत प्रमुख सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार से की थी। विभागीय जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही मिलने पर शासन की अनुमति लेकर प्रमुख सचिव ने डीपीओ को सस्पेंड कर दिया था।
पुलिस अधीक्षक हीरालाल ने जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण यादव पर केस दर्ज होने की पुष्टि की। एसपी ने कहा कि चूंकि मामला जिला स्तरीय अधिकारी पर दर्ज मुकदमे का है। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारी से मामले की गहन जांच करवाने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
शिवरतनगंज एसओ दिनेश कुमार यादव के मुताबिक डीपीओ पर बृहस्पतिवार को दर्ज हुआ मुकदमा दूसरा है। इसके पहले उन पर रिपोर्टिंग चौकी इन्हौना में सुषमा के पति रमाशंकर साहू की तहरीर पर रिश्वत मांगने के मामले की शिकायत करने पर पूरे परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही सुषमा का पति रामकिशोर आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है व उसका नाम बीपीएल सूची में भी दर्ज है। उसकी इस स्थिति को देखते हुए जिला स्तरीय कमेटी ने योजना के तहत उसका चयन करते हुए उसके परिवार को इलाज पर आने वाला संपूर्ण खर्च 80 हजार रुपये देने की संस्तुति की थी।