सुल्तानपुर। कानून व्यवस्था, बदहाल विद्युत व्यवस्था एवं किसान समस्याओं को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने पहुंचे भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने जमकर उपद्रव किया। डीएम के ज्ञापन लेने नहीं पहुंचने से नाराज कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय के गेट का कुंडा तोड़ते हुए अंदर घुस गए।
उग्र कार्यकर्ताओं ने बरामदे में रखे गमले व कुर्सियों तोड़ डालीं। कलेक्ट्रेट के सामने रोड जाम करने के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहगीरों को भी नहीं बख्शा। कुछ कार्यकर्ताओं ने राहगीरों से हाथापाई व गाली-गलौज की। करीब घंटे भर चले बवाल के बाद पर्याप्त संख्या में पुलिस व पीएसी के पहुंचने पर भाजयुमो कार्यकर्ता शांत हुए।
जिले में ध्वस्त कानून व्यवस्था, बदहाल विद्युत व्यवस्था एवं किसानों की बदहाली, प्रशिक्षु शिक्षक शिवकुमार पाठक की बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक भाजयुमो कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंच गए। कलेक्ट्रेट पहुंचते ही कार्यकर्ता ज्ञापन के लिए डीएम को बुलाने की मांग करने लगे। ज्ञापन लेने पहुंचे एएसडीएम रामचंद्र सरोज को कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन देेने से इंकार कर दिया।
कुछ देर तक डीएम के नहीं पहुंचने से भाजयुमो कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। डीएम ऑफिस के परिसर में घुसने की कोशिश में लगे कार्यकर्ताओं को जब पुलिस ने मना किया वे और उग्र हो गए। कार्यकर्ता गेट का कुंडा तोड़कर अंदर घुस गए और जमकर तांडव किया। डीएम ऑफिस के सामने बरामदे में रखे फूल व पौधों के गमले तोड़ डाले। बरामदे में रखी गई बेंच नुमा लोहे की कुर्सियों को पटक-पटक कर क्षतिग्रस्त कर दिया। यही नहीं कार्यकर्ताओं ने सपा का झंडा फूंककर नारेबाजी करते हुए जमकर उपद्रव किया।
जाम के दौरान किनारे से एक तरफ से दूसरी तरफ जाने की कोशिश में लगे कुछ राहगीरों से कार्यकर्ताओं ने हाथापाई व गाली-गलौज की। करीब घंटे भर चले तांडव के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के पहुंचने के बाद भाजयुमो कार्यकर्ता शांत हुए। जिलाध्यक्ष आशुतोष सिंह मोहित की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन बाद में एडीएम कृष्णलाल तिवारी को दिया। प्रदर्शनकारियों में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भावना सिंह, प्रदीप यादव, आशीष सिंह रानू, धमेंद्र द्विवेदी, नितिन मिश्र, राजपूत लाखन सिंह, विनोद सिंह, राम केश यादव, आयोजक एसबी मिश्र, महेश सिंह, दीपांकर शर्मा, रामेंद्र सिंह, मुकेश अग्रहरि, इंद्रजीत वर्मा, आरती निषाद, रेखा निषाद, अनिरूद्घ शुक्ला, अमन सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।